सीएम शिवराज के ठेला लेकर खिलौना इकट्ठा करने को कांग्रेस ने बताया प्रसिद्धि का ढकोसला, लगाए कई आरोप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब से Adopt An Aanganwadi अभियान की शुरुआत करते हुए बच्चों के लिए खिलौना और जरूरी सामान इकट्ठा करने की शुरुआत की है. तब से ही कांग्रेस, भाजपा सरकार पर कई तरह के आरोप लगा रही है.

Indore: बीते दिन ही इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी अभियान की शुरुआत की थी. भाजपा के अन्य नेताओं और पदाधिकारियों के साथ सीएम शिवराज ठेला लेकर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने और जरूरी सामान इकट्ठा करने के लिए निकले थे. शिवराज के इस कदम को अब कांग्रेस ने प्रसिद्धि पाने का जरिया बता दिया है. इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संतोष सिंह गौतम, इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव, विधायक संजय शुक्ला, विधायक विशाल पटेल और प्रदेश कांग्रेस सचिव राजेश चौकसे ने प्रेस वार्ता आयोजित की.

प्रेस वार्ता में कांग्रेस के नेताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 17 वर्षों बाद आंगनवाड़ी के बच्चों पर ध्यान दिया है. बच्चों के लिए ठेला लेकर खिलौने इकट्ठा करने निकले हैं लेकिन बड़े-बड़े फोटो विज्ञापन और समाचार पत्रों में हेड लाइन के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं कर पाए है. नेताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं आंगनवाड़ियों में ना तो उनके लिए पोषण आहार उपलब्ध है ना ही कोई संसाधन है. मध्य प्रदेश की सरकार ने बच्चों के भविष्य को अंधकार में डुबोकर बस अपनी प्रसिद्धि का उजाला दिखाया है.

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प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से यह सवाल किया है कि मध्यप्रदेश में उनका इतना लंबा कार्यकाल रहा है लेकिन फिर भी आंगनवाड़ियों की स्थिति बदहाल क्यों है. प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश में कुल 97135 आंगनवाड़ियां है. जिनमें से 32338 में शौचालय की उपलब्धता नहीं है. इंदौर के अलावा कई जिलों में आंगनवाड़ियों में बिजली भी नहीं है. हर आंगनवाड़ी में चिकित्सा किट का होना जरूरी है लेकिन 50979 आंगनवाड़ियों में उपलब्ध नहीं है. 24275 ऐसी आंगनवाड़ियां है जहां पर शिक्षा किस नहीं है. 8623 आंगनवाड़ियों में खाना खाने के लिए तालियां और 12235 आंगनवाड़ियों में पानी पीने के गिलास उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. 18778 आंगनवाड़ियां ऐसी है जिनमें हैंडवाश उपलब्ध नहीं है.12705 ऐसी आंगनवाड़ी आए हैं जहां पर कोई भी शिक्षा सामग्री नहीं है. 17174 आंगनवाड़ियां ऐसी है जहां पक्के भवन नहीं बने हुए हैं.

यह जानकारी दी गई कि आंगनवाड़ियों में 3 से 6 वर्ष के 3896977 पोषण आहार के लाभार्थी दर्ज किए गए हैं लेकिन 3146106 लोगों को ही पोषण आहार मिल पा रहा है बाकी बचे 750871 लाभार्थियों को आहार नहीं मिल रहा.

कांग्रेस ने कहा कि अगले 18 महीने में मध्यप्रदेश में कुपोषण खत्म करने का वादा मुख्यमंत्री ने किया है लेकिन उनकी घोषणा समाचार पत्रों में 1 दिन की सुर्खी बन सकती है, लेकिन कुपोषण के आगोश में समाते मध्य प्रदेश के लाखों बच्चों का कुपोषण दूर नहीं कर पाएगी. इस दौरान नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 की रिपोर्ट बताते हुए यह जानकारी दी गई कि 6 से 59 महीने के ऐसे बच्चे जो खून की कमी का शिकार थे उनका प्रतिशत 68 था जो अब बढ़कर 72.7 हो गया है. इसी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश में अति गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रतिशत 9.2 था जो 2021 के सर्वे में 6.5 है. इसी तरह गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रतिशत 25.8 से 19% हुआ है. कुल मिलाकर 1% से ज्यादा सुधार नहीं देखा जा रहा. ऐसे में शिवराज सरकार के दावे खोखले दिखाई दे रहे हैं

प्रेस वार्ता के दौरान यह भी कहा गया कि 2020 तक लघु उद्योग निगम के माध्यम से कमलनाथ सरकार ने 94 करोड़ खिलौने सरकार को दिए थे. तो फिर मुख्यमंत्री को ठेला लेकर खिलौना इकट्ठा करने क्यों निकलना पड़ा. भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने सीएम शिवराज के सभी दावों को पब्लिसिटी का ढकोसला बताया.