जेल से छूटने के बाद बोले चिदंबरम, अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब, चुप है प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जेल से रिहा होते ही मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होने राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार सदन में उनकी आवाज नहीं दबा सकती है। संसद परिसर में उन्होने प्याज की बढ़ते दामों को लेकर प्रदर्शन भी किया। चिदंबरम ने 1230 पर प्रेस काॅन्फ्रेंस कर कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है और प्रधानमंत्री इसको लेकर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।

प्रेस कांफ्रेस में चिदंबरम ने कहा कि ‘मंत्री के रूप में मेरा रिकॉर्ड और विवेक बिल्कुल स्पष्ट है। जिन अधिकारियों ने मेरे साथ काम किया, जिन उद्योगपतियों ने मुझसे बातचीत की और जिन पत्रकारों ने मेरा अवलोकर किया। वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं।‘

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2019 के ख़त्म होने तक जीडीपी 5 फीसदी को छू लेती है तो हम भाग्यशाली होंगे। उन्होने डॉक्टर अरविंद सुब्रमण्यम की चेतावनी को याद रखने की बात करते हुए कहा कि इस सरकार में पांच प्रतिशत विकास दर संदिग्ध कार्यप्रणाली के चलते पांच प्रतिशत नहीं है बल्कि 1.5 प्रतिशत कम है। प्रधानमंत्री मोदी आमतौर पर अर्थव्यवस्था के मसले पर चुप रहते हैं। इसका परिणाम यह है कि जैसा अर्थशास्त्री ने कहा, यह है कि सरकार अर्थव्यवस्था की अक्षम प्रबंधक बन गई है।

चिदंबरम ने कहा, ‘जैसा ही कल रात आठ बजे बाहर निकलकर मैंने स्वतंत्रता की हवा में सांस ली तो सबसे पहले मैंने कश्मीर घाटी के 75 लाख लोगों के लिए प्रार्थना की जिनकी चार अगस्त, 2019 से स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मैं उन राजनेताओं को लेकर चिंतित हूं जिन्हें बिना किसी आरोप के गिरफ्तार किया गया है। स्वतंत्रता अविभाज्य है, यदि हमें अपनी स्वतंत्रता को संरक्षित करना है तो हमें उनकी स्वतंत्रता के लिए लड़ना चाहिए।‘

रविशंकर प्रसाद का पलटवार

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम के इस बयान पर पलटवार किया है। उन्होने कहा, ‘पी चिदंबरम जी ने पहले ही दिन अपनी जमानत की शर्त का उल्लंघन किया है। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए शर्त रखी थी कि वह सार्वजनित तौर पर कोई बयान नहीं देंगे लेकिन आज उन्होंने कहा कि मंत्री के तौर पर उनका रिकॉर्ड एकदम स्पष्ट है।‘

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