शनि देव को प्रसन्न करने के लिए करे इस मंत्र का जाप, पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

शनि को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार शनि के नाराज होने से व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो बिगड़े हुए काम बन जाते हैं और सफलता भी प्राप्त होती है। शनि देव की कृपा न हो तो कोई काम सफल नहीं हो पाता है ना ही शादी , ना ही संतान, और ना ही धन की प्राप्ति हो पति है।

0
92
shani

शनि को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार शनि के नाराज होने से व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। शनिदेव प्रसन्न होते हैं तो बिगड़े हुए काम बन जाते हैं और सफलता भी प्राप्त होती है। शनि देव की कृपा न हो तो कोई काम सफल नहीं हो पाता है ना ही शादी , ना ही संतान, और ना ही धन की प्राप्ति हो पति है। इनकी कृपा जिसके ऊपर भी हो जाती है उस इंसान को कोई भी परेशानी नहीं आ सकती। शनि को प्रसन्न करके व्यक्ति जीवन के कष्टों को कम कर सकता है। साथ ही करियर और धन के मामले में सफलता पा सकता है। शनि देव की पूजा अगर समझकर और सावधानी के साथ की जाए तो तुरंत फलदायी होती है।

शनि देव की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  • शनि देव की पूजा शनि की मूर्ति के समक्ष न करें।
  • शनि के उसी मंदिर में पूजा आराधना करनी चाहिए जहां वह शिला के रूप में हों।
  • प्रतीक रूप में शमी के या पीपल के वृक्ष की आराधना करनी चाहिए।
  • शनि देव के समक्ष दीपक जलाना सर्वश्रेष्ठ है, परन्तु तेल उड़ेल कर बर्बाद नहीं करना चाहिए।
  • जो लोग भी शनि देव की पूजा करना चाहते हैं , उनको अपना आचरण और व्यवहार अच्छा रखना चाहिए।

इस प्रकार करें शनि देव की पूजा

  • शनिवार के दिन पहले शिव जी की या कृष्ण जी की उपासना करें।
  • उसके बाद सायंकाल शनि देव के मन्त्रों का जाप करें।
  • पीपल के वृक्ष की जड़ में जल डालें,उसके बाद वृक्ष के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • किसी गरीब व्यक्ति को एक वेला का भोजन जरूर कराएं।
  • इस दिन भूलकर भी तामसिक आहार ग्रहण न करें।

शनि देव को प्रसन्न करने के मंत्र

  • “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
  • “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”
  • “ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here