परिवारवाद की जद में बसपा, मायावती के भाई-भतीजे को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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mayawati

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में रविवार को बड़े बदलाव हुए है। लखनऊ में हुए पार्टी की अहम् बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार को एक बार फिर पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वही भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर दो समन्वयक बनाए गए हैं। मौजूदा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम अब राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी संभालेंगे, वहीं दानिश अली को लोकसभा में बीएसपी का नेता बनाया गया है।

खुद को परिवारवाद से दूर बताने वाली और इसका विरोध करने वाली मायावती की पार्टी में भी अब भाई-भतीजावाद देखने को मिल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद रविवार को पहली बार मायावती ने पार्टी के सभी जिम्मेदार नेताओं, पदाधिकारियों और जोन इंचार्जों के साथ बैठक की। इसी बैठक में पार्टी में बदलाव किए गए है।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी में रविवार को बड़े बदलाव हुए है। लखनऊ में हुए पार्टी की अहम् बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार को एक बार फिर पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वही भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर दो समन्वयक बनाए गए हैं। मौजूदा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम अब राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी संभालेंगे, वहीं दानिश अली को लोकसभा में बीएसपी का नेता बनाया गया है।

खुद को परिवारवाद से दूर बताने वाली और इसका विरोध करने वाली मायावती की पार्टी में भी अब भाई-भतीजावाद देखने को मिल रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद रविवार को पहली बार मायावती ने पार्टी के सभी जिम्मेदार नेताओं, पदाधिकारियों और जोन इंचार्जों के साथ बैठक की। इसी बैठक में पार्टी में बदलाव किए गए है।

दानिश अली होंगे लोकसभा में बसपा के नेता

रविवार को हुई बसपा की बैठक में पार्टी में कई बदलाव हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेता दानिश अली को लोकसभा में पार्टी का नेता बनाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही जौनपुर से सांसद श्याम सिंह यादव लोकसभा में बीएसपी के उपनेता होंगे। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र राज्यसभा में बीएसपी के नेता होंगे।

हार से खफा मायावती

लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को मिली करारी हार से मायावती बहुत खफा थी। इसी को लेकर मायावती पार्टी में बदलाव कर है। इस दौरान राज्य में होने वाले उपचुनाव को देखते हुए भी पार्टी में बदलाव किए जा रहे है।

इससे पहले जून के शुरुआती दिन में दिल्ली में हुई एक बैठक में बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्होंने छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारियों की छुट्टी कर दी थी। इसके साथ ही तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को भी उनके पद से बेदखल कर दिया था। मायावती के निशाने पर प्रदेश के 40 समन्वयक और जोनल समन्वयक हैं, जिनपर कार्रवाई हो रही है।

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