भाजपा का गजकेसरी योग हुआ समाप्त, इस महीने में होंगे बड़े बदलाव

भाजपा की जन्मकुंडली में 9 अगस्त 2022 को गजकेसरी योग समाप्त होने जा रहा है, गजकेसरी योग के कारण मंहगाई सहित अनेक विरोधावास होने के बाद भी भाजपा ने जबरजस्त सफलता प्राप्त की

भाजपा की जन्मकुंडली में 9 अगस्त 2022 को गजकेसरी योग समाप्त होने जा रहा है, गजकेसरी योग के कारण मंहगाई सहित अनेक विरोधावास होने के बाद भी भाजपा ने जबरजस्त सफलता प्राप्त की व वर्तमान में सफलता मिलने के आसार अगस्त के पहले सप्ताह तक बने रहेंगे। 9 अगस्त के बाद भाजपा की जन्मकुंडली में बदलाव होने जा रहा है, गजकेसरी योग के बाद विष योग बनने जा रहा है अर्थात एक बहुत अच्छे समय से निकलकर एक प्रतिकुल योग से सामना करना पड़ सकता है जिससे सफलता में कमी आने की संभावना प्रबल होगी ।

केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी का जन्म 6 अप्रैल 1980 को दिल्ली में हुआ था । इससे पहले इस पार्टी को भारतीय जनसंघ के नाम से जाना जाता था। भारतीय जनसंघ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी। 1975 तक जनसंघ को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। अटलबिहारी बाजपेयी इस पार्टी के अध्यक्ष बने। 1984 के आम चुनाव में पार्टी को 2 सीटें मिली! 1984 में लालकृष्ण आडवानी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया व उनके नेतृत्व में राम मंदिर आंदोलन चला! इस आंदोलन के बाद 1989 में भाजपा की सीटें बढ़कर 86 पर जा पहुंची।

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1996 में भाजपा ने 161 सीटें जीतकर पहली बार अटलबिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनाई लेकिन, मात्र 13 दिनो में इस सरकार का पतन हो गया। 1999 में भाजपा ने विभिन्न पार्टियों के साथ मिलकर फिर सरकार बनाई!
भाजपा की जन्मपत्रिका – कुंडली पर हम नजर डालें तो कुंडली के तीसरे भाव में मंगल, शनि, राहु, गुरू उपस्थित है। वहीं चन्द्र नीच राशि का होकर 6ठे भाव में स्थित है। 9वें भाव में बुध केतु के साथ, 10वें भाव में सूर्य और 12वें भाव में शुक्र स्वराशि का होकर बैठा है।

भारतीय जनता पार्टी की कुडंली में अनेक शुभ अशुभ योग हैं, जिस कारण पार्टी सत्ता में रहे या न रहे, उसे अनेक संकटों का सामना करना पड़ेगा। पार्टी को अपनों से सदा डर अथवा विरोध का सामना करना पडेगा। तीसरे भाव में राहु की उपस्थिति से पार्टी हमेशा अपने विरोधियों पर भारी रहेगी! परन्तु, इसकी इस भाव में उपस्थिति से पार्टी नेताओं में आपस में और सहयोगियों से भी लगातार विरोध बना रहेगा। तीसरे भाव में मंगल जातक को क्रोधी बनाता है! वहीं उसकी उपस्थिति से व्यक्ति अथवा संस्था को लाभ होता है व सत्तापक्ष की कृपा बनी रहती है। 6ठे भाव में नीच राशि का चन्द्र अवैध और अनैतिक कार्यों का बढ़ावा देता है।

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9वें भाव में बुध के साथ केतु की युति होने से व्यक्ति अपनी बातों को अच्छे से नहीं रख पाता! वह कहता कुछ है और होता कुछ और है। अर्थात उच्चारण की समस्या पैदा करता है। 10वें भाव में मीन राशि का सूर्य राजयोग बनाता है, वहीं 12वें भाव में उपस्थित स्वराशि का शुक्र स्थायित्व देता है। राजयोग रू भाजपा की कुंडली में सूर्य तीसरे घर का स्वामी होकर 10वें भाव में उपस्थित है। वहीं गुरू 10वें भाव का स्वामी होकर 3रें भाव में उपस्थित है, जो परिवर्तन राजयोग का निर्माण कर रहा है। वहीं 12वें भाव में अत्यंत शुभ स्वराशि का शुक्र होने से भी राजयोग का निर्माण हुआ है।

नजर डालें तो 1996 में शुक्र की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा में भाजपा ने सरकार केन्द्र में सरकार बनाई… किन्तु अशुभ प्रभाव के चलते सरकार मात्र 13 दिन में गिर गई। 1998 में शुक्र की महादशा में चन्द्र की अंतर्दशा में भाजपा ने सहयोगियों के साथ मिलकर पुनः सरकार का गठन किया! नीच के चन्द्र के कारण सहयोगियों से मेल नही बैठने के कारण 13 माह में सरकार का पतन हो गया! परन्तु स्वराशि के शुभ शुक्र ने भाजपा को पुनः राजयोग दिलावा व 1999 में एक बार फिर भाजपा ने सहयोगियों के दम पर सत्ता हाँसिल की! अर्थात परिवर्तन राजयोग व शुभ शुक्र ने महादशा में भाजपा को तीन बार सत्ता दिलाई।

लेकिन, शुक्र की दशा में राहु की अंतर्दशा में भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा। वहीं परिवर्तन राजयोग का निर्माण करने वाले सूर्य की महादशा में राहु की अंतर्दशा के चलते विरोधी धराशायी हो गए और भाजपा ने सहयोगियों के साथ ही अनेक राज्यों में भारी बहुमत प्राप्त किया। सूर्य की महादशा में पार्टी ने केन्द्र ही नहीं अनेक राज्यो में भी विजयश्री का वरण किया। 2018 में सूर्य की महादशा समाप्त होने के बाद से भाजपा की स्थिती तेजी से बदलने लगी है। नीच राशि की चन्द्र की महादशा में चन्द्र की अंतर्दशा में 3 राज्यों की सत्ता से हाथ धोना पडा था

नीच चन्द्र में मंगल की दशा यह दशा शुभ होने के बाद भी नीच चन्द्र के कारण अशुभ हो जाती है। 2019 में भाजपा रू भाजपा की कुडंली में वर्तमान में नीच राशि के चन्द्र में मगंल की अंतर्दशा के कारण कई जगह सत्ता से हाथ धोना पडा था।
चन्द्र मे गुरू की दषा – दिनांक 9 अप्रेल 2021 से भाजपा की जन्मकुडंली में बने गजकेसरी योग के कारण विरोधावास व मंहगाई व अन्य समस्याओं के बाद भी पार्टी ने जबरजस्त सफलता प्राप्त की थी व हाल ही में हुई 5 राज्यो में से 4 राज्यो में अपनी सरकार बनायी थी व इसी योग में हो रहैें अगस्त माह के पहले सप्ताह तक प्रदेष के नगरीय निकाये व पंचायत चुनावों मे व अन्य चुनावो में सफलता प्राप्त की।

विष योग – भाजपा की जन्मपत्रिका में 9 अगस्त से 2022 संे 9 मार्च 2024 तक विष योग बन रहा है। जन्म कुंडली में शुभयोग के कारण जहा सफलता का वरण होता है वही अशुभ योग के कारण असफलता व कष्टो की प्राप्ती होती है। विष योग क्या है – विष योग ज्योतिषषास्त्र में एक अत्यंत अषुभ योग माना जाता है, इस योेग के कारण जीवन में अनेक प्रकार की समस्याओं का कष्टो का सामना करना पडता है। इस योग के कारण असंतोष,दुख,व निराशाजनक स्थिती होती है व आर्थिक स्थिती बेहतर नही होती। लाख प्रयास करने पर भी आंशीक सफलता प्राप्त होती है पूर्ण नही । इस दशा के कारण व्यक्ति के सही फेसले लेने की शक्ति का हास होता है व सही निर्णय नही ले पाता इस कारण हानि उठाना पडती है।

अपने मित्र वर्ग व परिवार में भी मतभेद होने से काफी नुकसान उठाना पडता है। भाजपा की जन्मकुंडली में 6 टे भाव में नीच राषि का चन्द्र उपस्थित होकर वर्तमान में चल रही गुरू की दशा से गजकेसरी योग का निर्माण हुआ था, वही कुछ समय बाद अगस्त माह में चंद्र शनि से युति कर विषयोग का निर्माण करेगा,चन्द्र के नीच होने के कारण यह योग और ज्यादा कष्टदायाी होता है,इस योग के कारण भाजपा को अपने मित्रो व अपनो से हानि संभव है व ,अराजकता,विवादो,से नाता रहने व मानसीक स्थिती पर भी प्रतिकुल असर हो सकता है, पूर्ण सफलता पर आगामी 9 अगस्त 2022 से 18 माह संदेह होकर नुकसान होने से भी इंकार नही किया जा सकता । इस दशा में भाजपा को धेर्य रखना होगा।