देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी छोड़ एक के बाद एक नेता छोड़कर अन्य पार्टियों में शामिल हो रहे हैं। रविवार को एक बार के सांसद और तीन बार के विधायक रह चुके महाबल मिश्रा कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की उपस्थिति में सदस्यता ग्रहण की।

जमीन कार्यकर्ता की नही है पहचान

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, मिश्रा ने कहा, ”मैं निश्चित रूप से कांग्रेस से लंबे समय से जुड़ा था लेकिन कांग्रेस को जमीनी कार्यकर्ता की पहचान नहीं है। मुझे उपेक्षित महसूस होने लगा, इसलिए आज जिस पार्टी ने मुझ पर विश्वास व्यक्त किया, मैं उसके साथ लगकर काम करूंगा।

मिश्रा से जब पूछा गया कि 2020 में कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था, उन पर ‘आप’ उम्मीदवार का प्रचार करने का आरोप था। क्या वह बात सच साबित हो गई? इस पर उन्होंने कहा, ”बिल्कुल गलत, विरोधी कुछ भी आरोप लगाते हैं। महाबल मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी बिजली-पानी फ्री दे रही है, एजुकेशन पॉलिसी आदि सब अपना रही है।

बेटा पहले ‘आप’ विधायक

बता दें कि, महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा पहले से ही आम आदमी पार्टी के नेता हैं। विनय द्वारका से ‘आप’ विधायक हैं। दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के मतदाताओं पर महाबल मिश्रा की खासी पकड़ बताई जाती है। महाबल मिश्रा का ‘आप’ में जाना कांग्रेस के लिए नुकसान माना जा रहा है। जानकारों की मानें तो इस बार भी एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच टक्कर है।