बसपा को यूपी में बड़ा झटका, सपा में शामिल हुए 6 विधायक, एक BJP MLA भी शामिल

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ही यूपी में सपा ने बसपा और सत्ताधारी भाजपा को बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि बसपा के 6 विधायक सपा में शामिल हो गए है।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ही यूपी में सपा ने बसपा और सत्ताधारी भाजपा को बड़ा झटका दिया है। बताया जा रहा है कि बसपा के 6 विधायक सपा में शामिल हो गए है। वहीं एक विधायक बीजेपी का भी साइकिल पर सवार हो गए है। जानकारी मिली है कि इन सभी विधायकों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ली है।

ऐसे में अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश इतना है, जनता इतनी दुखी है कि आने वाले समय में भाजपा का सफाया हो जाएगा। बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो सपा में आना चाहते हैं।

आने वाले समय में तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने घोषणापत्र के वादों को पूरा नहीं किया। वहीं भाजपा ने वादा किया था कि 2022 तक किसानों की दोगुनी हो जाएगी। लेकिन आज किसान ये जानना चाहता है कि किसानों की आय दोगुनी कब होगी। आज सभी जरूरी सामान महंगा हो गया।

बता दे, आगे अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के संकल्पपत्र का कोई भी पेज देख लीजिए, एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। साथ ही अधिकतम मूल्य पर धान की खरीद का वादा किया गया था। आज उत्तर प्रदेश का किसान के धान की खरीद नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वादा किया था कि झांसी और मथुरा में मेट्रो बनेगी। लेकिन कहीं मेट्रो नहीं बनी। सिर्फ उन्हीं शहरों में मेट्रो का काम हुआ है, जो सपा काल में पास हुए थे।

भाजपा को लेकर आगे उन्होंने कहा है कि भाजपा ने 2017 में लोक कल्याण संकल्प पत्र बनाकर कूड़े में फेंक दिया। भाजपा पन्ना प्रभारी तो बनाते है, लेकिन अपने ही बनाए पन्ने को नहीं पढ़ा। बता दे, उन्होंने बताया है कि सरकार बताए किसानों और खेती के कौन सा अच्छा काम किया।

बुंदेलखण्ड के लोगो ने सबसे ज्यादा भाजपा पर भरोसा किया। लेकिन जितना ज्यादा भरोसा जनता ने किया, उतना बड़ा धोखा भाजपा ने दिया।शिक्षण संस्थानों को चौपट कर दिया गया है एक सोच विशेष के लोगो को बैठा दिया गया ताकि सालों तक उसी सोच के लोग आते रहें।

ये विधायक हुए सपा में शामिल –

1- असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती)
2- असलम अली चौधरी (ढोलाना-हापुड़),
3- मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद),
4- हाकिम लाल बिंद (हांडिया-प्रयागराज),
5- हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर),
6- सुषमा पटेल (मुंगरा बादशाहपुर)