Bhopal : बारातियों की तरह आदिवासियों का स्वागत करने के लिए रात भर जागे अफसर

जनजाति गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भोपाल जा रहे यात्रियों के लिए आज रात्रि मुक़ाम की व्यवस्था नेहरू स्टेडियम में भी की गई है।

Bhopal : जनजाति गौरव दिवस (Janjatiya Gaurav Divas) के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भोपाल जा रहे यात्रियों के लिए आज रात्रि मुक़ाम की व्यवस्था नेहरू स्टेडियम में भी की गई है। कलेक्टर मनीष सिंह (Collector Manish Singh) यहाँ पहुँचे और उन्होंने अतिथियों से चर्चा की और हाल चाल पूछा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निमंत्रण पर बड़ी संख्या में वनवासी बंधु 15 नवंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सहभागी बनने के लिए भोपाल जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  चौहान ने प्रदेश के समस्त ज़िलों में यह निर्देश दिए हैं कि इन अतिथियों का पूरा ध्यान रखा जाए और इन्हें कोई भी तक़लीफ नहीं होने दी जाए।

किसी उत्सव से कम नहीं है आज का यह अवसर इंदौर में आदिवासी बंधुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का
नज़ारा। आवास से भोजन तक की उत्तम व्यवस्थाएं आदिवासी बंधुओं के लिए इंदौर जिला प्रशासन द्वारा की गई हैं।

आज तड़के किरण फूटते ही इंदौर में रुके अंचल के वनवासी जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भोपाल रवाना हुए। इंदौर होटलियर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया साथ में भोजन और नाश्ते के पैकेट भी उनकी गाड़ियों में रखवाए अध्यक्ष  सुमित सूरी सहित अन्य सदस्य स्वयं मौजूद रहे इंदौर के प्रतिभागियों के भोपाल जाने के लिए प्रशासन द्वारा चार्टर बसों का इंतज़ाम किया गया था। सुबह 7बजेतक 41 बसें रिजेंटा होटल बाईपास में बनाए गए चेकिंग नाका से गुज़रकर भोपाल के लिए रवाना हो चुकी हैं।

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इंदौर होटलियर एसोसिएशन ने वनवासी बंधुओं के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर मंच बनाए हैं। अध्यक्ष श्री सुमित सूरी ने बताया है कल सुबह जब अतिथि भोपाल जाएंगे तो पुष्प बरसा कर उनका अभिनंदन किया जाएगा। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर लाभ गंगा गार्डन सहित अनेक स्थानों पर अतिथियों के आवास की व्यवस्था भी की है।खरगोन से इंदौर होकर भोपाल जाने वाली बसों की संख्या रात्रि 10:00 बजे तक इंदौर रात्रि विश्राम हेतु बसे 220 पहुंच चुकी है वह यात्रियों की संख्या6348 है।

इंदौर संभाग के धार ज़िले से भोपाल गए प्रतिभागी इस तरह अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुँचे हैं। इंदौर में अन्य ज़िलों से आए सभी वनवासी भोपाल रवाना हो चुके हैं। वहीं इंदौर ज़िले के महू सब डिवीज़न के प्रतिभागी भी भोपाल के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। रवानगी के पूर्व इन्दौर में ग़ज़ब का उत्साह देखने को मिला। प्रशासनिक अधिकारी सारी रात इनके विश्राम स्थल पर डटे रहे। और व्यवस्था सुनिश्चित करते रहे। कलेक्टर  मनीष सिंह ने स्वयं अनेक स्थानों का दौरा किया और व्यवस्थाएं देखीं। प्रशासन ने पल पल की ख़बर के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया हुआ था जहाँ से सभी सूचनाएँ राज्य स्तर के कंट्रोल रूम में प्रेषित की जा रही थीं।

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बानगी उत्साह और मुस्तैदी की –

आज भोपाल में आयोजित होने वाले जनजाति गौरव दिवस के आयोजन का सर्वाधिक उत्साह इंदौर डिवीज़न में देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ऐसी व्यवस्थाएं पूर्व में कभी नहीं हुई थीं। लंबे सफ़र में होने वाली असुविधा को देखते हुए दूर दराज़ के स्थानों से प्रतिभागियों को एक दिन पूर्व ही आमंत्रित कर लिया गया था। इंदौर देवास और सीहोर में इंदौर संभाग के वनवासियों के लिए रहने की उत्तम व्यवस्था की गई थी उत्साह और मुस्तैदी की बानगी इस बात से देखी जा सकती है कि भोर की किरण फूटने के पूर्व ही सभी बसें भोपाल के लिए रवाना हो चुकी थीं।

कलेक्टर  मनीष सिंह ने सुबह 4 बजे से विभिन्न स्थानों पर तैनात अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की और इनकी खोज ख़बर ली। भोपाल रवाना होने के पूर्व सभी प्रतिभागियों को चाय नाश्ता कराया गया और उनके वाहनों में भोजन के पैकेट भी रखवाए गए। इनका क़ाफ़िला जब बाईपास से होकर निकला तो अनेक स्थानों पर फूल बरसाए गये और अभिनंदन किया गया