Breaking News

सोयाबीन फसल के लिए बायर की नई पेशकश एवरगोल एक्सटेंड

Posted on: 21 Jun 2019 17:56 by Surbhi Bhawsar
सोयाबीन फसल के लिए बायर की नई पेशकश एवरगोल एक्सटेंड

इंदौर: सोयाबीन मध्यप्रदेश में सर्वाधिक उगाई जाने वाली फसलों में से एक है। राज्य की लगभग 28 लाख हेक्टेयर भूमि में सोयाबीन की खेती की जाती है। क्युंसकि बीज किसी भी फसल चक्र का प्रारंभिक बिंदु होता है, इसलिए एक स्वस्थ फसल के लिए बीज और उससे उपजने वाले पौधे की सुरक्षा करना महत्वपूर्ण है। ऐसा बीज उपचार के माध्यम से किया जा सकता है, जो कि शुरुआती अवस्था में फसलों को बीमारी से बचाने के लिए एक प्रभावी और आर्थिक रूप से किफायती विकल्प है। यह प्रक्रिया किसानों के बीच तेजी से स्वीकृति पा रही है।

बायर इंडिया के फसल विज्ञान प्रभाग ने फफूंदी का खात्मा करने में सक्षम एक नवाचारी और नई पीढ़ी के बीज उपचार उत्पाद एवरगोल एक्सटेंड को बाज़ार में लाया है। भारत में यह उत्पाद सोयाबीन और मूंगफली की फसलों में उनके बीज और पौधे को होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण के लिए पंजीकृत है।

मध्यप्रदेश में, उग सूख (कॉलर रॉट), जडगलन (रूट रॉट) और सफेद फफूंदी, सामान्य फफूंदी जनित बीमारियां हैं, जो पौधे के विकास की शुरुआती अवस्था में सोयाबीन की फसलों पर असर डालती हैं। अगर इन का उपचार नहीं किया गया तो यह फसल में 10-30 फीसदी की कमी लाते हुए किसान की आय को नुकसान पहुंचाती हैं। अब तक, बाजार में फफूंदी जनित इन सभी बीमारियों के लिए कोई भी एक प्रभावकारी समाधान उपलब्ध नहीं था। लेकिन खरीफ 2019 से पहले, समय पर एवरगोल एक्सटेंड के बाज़ार में लाने के साथ सोयाबीन किसान अब फसल की इन बीमारियों को असरकारक ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं और अपनी फसल की सुरक्षा कर सकते हैं।

सोयाबीन किसान सामान्यत: बीज के अंकुरित न हो पाने या सड़जाने की आशंका से कुछ अतिरिक्त बीज बो देते हैं। हालांकि, सोयाबीन के बीज की लागत तकरीबन रुपये 60-100 प्रति किलोग्राम है और कम अंकुरण या बीज के सड़ जाने की स्थितियों से निपटने के लिए किसानों को लगभग 10 किलोग्राम प्रति एकड़ अतिरिक्त बीजों का रोपण करना पड़ता है। एवरगोल एक्सटेंड के साथ किसान बीज के अतिरिक्त उपयोग में कमीला सकते हैं और इसकी बदौलत अपने निवेश के बेहतर परिणाम पा सकते हैं।

सोयाबीन के बीज के उपयोग की एक मिलीलीटर प्रति किलोग्राम की दर के साथ, एवरगोल एक्सटेंड बहुत कम खपत में प्रभावकारी ढंग से काम करता है। यह उपयोग करने में सहज, रख-रखाव में आसान व उपयोग के लिए बिल्कुल तैयार ढंग से मिलता है, जो कि खेती कर रहे किसानों और व्यापक स्तर पर औद्योगिक बीज उपचार दोनों के लिए उपयुक्त है। यह उत्पाद पूरे भारत में कृषि से जुड़े उत्पादों के विक्रय केंद्र पर 40 मिली., 100मिली. और 250 मिली. के पैक में उपलब्ध हैं।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com