आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन का छापा, बड़ी संख्या मे पुलिस तैनात

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खान की मुश्लििें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल, प्रशासन द्वारा आजम खान को भूमाफिया घोषित किए जाने के बाद अब प्रशासन ने उनकी रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारा है।

0
114

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खान की मुश्लििें कम होने का नाम नहीं ले रही है। दरअसल, प्रशासन द्वारा आजम खान को भूमाफिया घोषित किए जाने के बाद अब प्रशासन ने उनकी रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा मारा है। जिसके चलते यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर मौजूद है और तलाशी अभियान चला रहे हैं। खबरों की माने तो ये छापेमारी जमीन के कब्जे को लकर की गई है।

बता दे कि इससे पहले भी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे और कार्रवाई के आदेश भी जारी हुए थे। 25 जुलाई को रामपुर उपजिलाधिकारीब के द्वारा यूनिवर्सिटी के अंदर से गुजर रहे सार्वजनिक मार्ग से अनाधिकृत कब्जा हटाने के निर्देश भी दिए गए थे। साथ ही क्षतिपूर्ति के तौर पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार देने को कहा गया था। वहीें प्रशासन ने आजम खान को कब्जा मुक्त होने तक 9 लाख 10 हजार रुपए प्रति माह की दर से लोक निर्माण विभाग को देने का आदेश दिया गया था।

इधर, अदालत ने 25 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन के पट्टे को रद्द कर दिया था। इस जमीन को 2013 में 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से लीज पर लिया गया था।

आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी

इसी बीेच यूपी पूलिस ने आजम खान के करीबी और जौहर यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। इसके अलावा हसन के खिलाफ उनके अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर भी लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। रामपुर पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा के अनुसार जमीन पर कब्जा करने और जबरन बसूली के 27 मामलों में आरोपी हसन के खिलाफ एलओसी जारी किया गया है।

बता दे कि हसन उत्तरप्रदेश पुलिस से रिटायरर्ड है और फिलहाल जौीहर यूनिवर्सिर्टी में कार्यरत है। रामपुर के एसपी ने कहा, ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी और प्रबंधक को नोटिस भेज कर उस जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है जिसके लिए यूनिवर्सिटी और उसके कुलाधिपति ने किसानों से खरीदने का दावा किया था। किसानों ने अब उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here