विश्व ऑर्थोडॉन्टिक्स दिवस पर इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में हुआ जागरूकता अभियान का आयोजन

ऑर्थोडॉन्टिक्स शाखा डेंटिस्ट्री की सुपरस्पेशलिटी है जिसमे टेढे मेढे व अनियमित दांत, जबड़े और चेहरे को ठीक किया जाता है। इसके स्पेशलिस्ट को ऑर्थोडॉन्टिस्ट कहते है। यह डेंडिस्ट्री की सुपरस्पेशियलिटी है, जिसमें टेढ़े-मेढ़े दांत, जबड़े व चेहरे को ठीक किया जाता है।

इंदौर। विश्व ऑर्थोडॉन्टिक्स दिवस इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में मनाया गया। हर साल 15 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। ऑर्थोडॉन्टिक्स शाखा डेंटिस्ट्री की सुपरस्पेशलिटी है जिसमे टेढे मेढे व अनियमित दांत, जबड़े और चेहरे को ठीक किया जाता है। इसके स्पेशलिस्ट को ऑर्थोडॉन्टिस्ट कहते है। यह डेंडिस्ट्री की सुपरस्पेशियलिटी है, जिसमें टेढ़े-मेढ़े दांत, जबड़े व चेहरे को ठीक किया जाता है। इसमें ऑर्थोडॉन्टिक्स ट्रीटमेंट के बारे मे जागरुकता एवं इस इलाज के आवश्यकता के बारे मे अभियान चलाया गया।

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इस अवसर पर इंडेक्स समूह के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, वाइस चेयरमैन मयंक राज सिंह, मेडिकल सुप्रिडेंटेंड लेफ्टिनेंट कर्नल डॅा.अजयसिंह ठाकुर, आईआईडीएस अस्सिटेंट डीन डॅा.दीप्ति सिंह हाड़ा,डॉ.हिमांशु कानूनगो, डॉ मुकेश गुप्ता,डॉ कृतिका मिश्रा के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट एवं विद्यार्थी भी शामिल हुए।डॅाक्टर्स ने जागरूकता अभियान में बताया कि एक सर्वे में पाया गया कि टेढे़- मेढ़े दांत व जबड़े की समस्या बच्चों में हो रही है। इसका मतलब हर दूसरा बच्चा आर्थोडांडिक समस्या से परेशान है। शहर में यह दिक्कत गांवों के बच्चों से ज्यादा होती है। टेढे़- मेढे़, अनियमित दांत व जबड़े का मुख्य कारण वातावरणीय व आनुवांशिकी होता है। जबड़े व चेहरे का विकास बच्चो में ठीक से नहीं हो पाता।

Source- PR