CAA-NRC के बाद अब NPR पर वार, मोदी सरकार तैयार

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नई दिल्ली : मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पर चर्चा हुई. सामने आ रही जानकारी के अनुसार, इस बैठक में NPR पर मुहर लग चुकी है. ऐसा कहा जा रहा है कि साल 2020 तक इसे लागू कर दिया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NPR का मकसद देश के नागरिकों की पहचान का डेटाबेस बनाना है.

बता दें कि इसमें लोगो की संख्या के साथ उनकी बायोमेट्रिक जानकारी भी शामिल होगी. NPR को लेकर पश्चिम बंगाल और केरल सरकार विरोध कर रही है. NPR की पहल साल 2010 में मनमोहन सिंह सरकार में शुरू हुई थी.

ऐसा कहा जा रहा है कि आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में NRP को हरी झंडी मिल सकती है. हालांकि NPR (NRC) से पूरी तरह अलग है. NPR की पहल के तहत साल 2020 से देश के नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने की सरकार तैयारियां कर रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NPR का पूरा नाम नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर है. इसका मकसद देश के नागरिकों की पहचान का डेटाबेस बनाना है. इस डेटाबेस में लोगों की संख्या के साथ बायोमेट्रिक की जानकारी भी शामिल होगी. बता दें कि साल 2011 में जनगणना के पहले NPR पर काम शुरू हुआ था.