तीन फुट का शख्स बनेगा डॉक्टर, कोर्ट ने दिया हक़ में फैसला

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भावनगर।गुजरात के भावनगर में रहने वाले गणेश गणेश का सपना अब पूरा होने जा रहा है । बच्चों जैसी आवाज और 70 फीसदी विकलांग। 2018 में उम्र 17 साल, कद 3 फुट और वजन 14 किलोग्राम। इस कारण नीट परीक्षा में 223 अंक हासिल करने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं दिया गया, पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस साल गणेश सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने जा रहे हैं।गणेश की उम्र अब 18 साल है। वजन भी 14 से अब 15 किलोग्राम हो गया है। हालांकि, कद अभी भी 3 फुट ही है, पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि सिर्फ कद के कारण किसी को करियर बनाने से नहीं रोका जा सकता। राज्य सरकार ने गणेश को छोटे कद के कारण एमबीबीएस में दाखिला देने से मना कर दिया। वह हाईकोर्ट गए, पर वहां भी उन्हें झटका लगा। इसके बाद गणेश ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई लड़ी। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनके हक में फैसला दिया है और इसी के साथ उनके डॉक्टर बनने के सपने को फिर पंख लग गया है।

अच्छे अंको के बाद भी नहीं मिला दाखिला
गुजरात के भावनगर में रहने वाले गणेश का सपना डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना था , लेकिन उनके सपने को झटका तब लगा जब सिर्फ हाइट और विकलांगता के कारण उन्हें राज्य सरकार ने एमबीबीएस में दाखिला देने से मना कर दिया। गणेश ने हार नहीं मानी और कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया। गणेश ने नीट की परीक्षा में 233 अंक हासिल किए थे, पर उन्हें दाखिला नहीं दिया गया था। कारण बताया गया कि छोटे कद और विकलांगता के कारण उन्हें ऑपरेशन सहित अन्य जरूरी कार्यों में दिक्कत होगी जो किसी डॉक्टर के लिए आवश्यक है।