बेंगलुरु में लापता इंदौर के अद्वैत उपाध्याय की तलाश छठे दिन भी जारी, पहाड़ी से मोबाइल और ड्रोन हुए बरामद

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By Raj RathorePublished On: August 12, 2026

बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की तलाश छठे दिन भी जारी है। मंगलवार शाम अंधेरा होने के बाद 60 घंटे से अधिक चले सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया।

बुधवार सुबह पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें पहाड़ी के दुर्गम हिस्सों में दोबारा तलाशी अभियान शुरू करेंगी।

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को शांताला ड्रॉप के पास अद्वैत का मोबाइल फोन और ड्रोन मिला है। इससे पहले रविवार को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उसका बैग और स्वेटर भी बरामद हुआ था।

अब पुलिस इन सामानों के मिलने की जगह, डिजिटल गतिविधियों और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर अद्वैत की मूवमेंट की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।

मोबाइल कुछ समय तक था चालू

पुलिस के मुताबिक, बंद होने से पहले अद्वैत का मोबाइल कुछ समय तक चालू था। ऐसे में यह भी जांच की जा रही है कि फोन कहीं किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ तो नहीं लगा था।

जिस स्थान पर मोबाइल और ड्रोन मिला है, वहां अद्वैत के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र से मिले अन्य साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही है।

दूसरे पर्यटक की फोटो से मिले अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस को एक अन्य पर्यटक द्वारा खींची गई अद्वैत की तस्वीर भी मिली है। पुलिस अब इस फोटो को अन्य डिजिटल रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अद्वैत किस समय पहाड़ी पर पहुंचा और इसके बाद उसकी गतिविधियां किस दिशा में रहीं।

पुलिस की जांच में अद्वैत के 7 अगस्त को शिवगंगे पहाड़ी जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उसके लैपटॉप की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच में 4 अगस्त को भी पहाड़ी पर पहुंचने के संकेत मिले हैं।

अब पुलिस 4 से 7 अगस्त के बीच उसकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि वह पहली बार कब पहाड़ी पर गया, किन लोगों के संपर्क में था और 7 अगस्त को दोबारा शिवगंगे जाने की वजह क्या थी।

ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री में पहाड़ी से जुड़ी जानकारी

अद्वैत के लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में शिवगंगे पहाड़ी की ऊंचाई, शांताला ड्रॉप तक पहुंचने के रास्ते और पहाड़ी पर चढ़ने के अलग-अलग मार्गों से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, AI टूल पर पहाड़ी से गिरने के बाद इंसान के जीवित रहने की अवधि और शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ी जानकारी भी सर्च की गई थी। पुलिस इसे खुद को नुकसान पहुंचाने की आशंका के एक संभावित एंगल के तौर पर देख रही है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि केवल ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। इन जानकारियों का मिलान अन्य डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है।

CDR से संपर्कों की भी जांच

पुलिस अद्वैत के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी जांच कर रही है। खासतौर पर 6 और 7 अगस्त को उसकी मंगेतर के अलावा किन लोगों से बातचीत हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस उसके निजी संपर्कों और रिश्तों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। हालांकि, फिलहाल किसी व्यक्ति को संदिग्ध नहीं माना गया है और किसी विवाद की भी पुष्टि नहीं हुई है।

मंगेतर से हुई थी आखिरी बातचीत

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अद्वैत की मंगेतर ने 7 अगस्त की रात करीब 8 बजे व्हाइटफील्ड सब-डिवीजन के कडुगोडी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

उन्होंने पुलिस को बताया था कि 7 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे अद्वैत ने फोन कर शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के लिए जाने की बात कही थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। फोन करने पर भी उससे संपर्क नहीं हो सका।

शुरुआत में कडुगोडी पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। बाद में मामला नेलामंगला पुलिस को रेफर किया गया।

इंदौर में अकेली रहती हैं अद्वैत की मां

अद्वैत अपने परिवार का इकलौता बेटा है। उसके पिता प्रोफेसर प्रमोद उपाध्याय की 2016 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मां को अकाउंट विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। कुछ समय पहले उन्होंने VRS ले लिया।

फिलहाल अद्वैत की मां इंदौर में अकेली रहती हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर एक फाइनेंस कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम कर रहा है। इससे पहले वह सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में भी काम कर चुका है।

इंदौर क्राइम ब्रांच भी बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच भी बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में है। अद्वैत के परिवार और इंदौर में उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी बेंगलुरु पुलिस के साथ साझा की जा रही है।

फिलहाल पुलिस मोबाइल, ड्रोन, लैपटॉप, CDR, CCTV फुटेज, ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री और पहाड़ी से मिले सामान को एक साथ रखकर अद्वैत की मूवमेंट की टाइमलाइन तैयार कर रही है। हादसे समेत सभी संभावित एंगल से जांच जारी है और अभी किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं हुई है।