देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच सिविक सेंस और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में एक छोटा बच्चा एयरपोर्ट परिसर में विमान के पास खुले में पेशाब करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में बच्चे के माता-पिता भी पास खड़े नजर आते हैं।
यह वीडियो ‘चाय सुट्टा बार’ के सह-संस्थापक अनुभव दुबे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
‘गलती बच्चे की नहीं, परवरिश की है’
वीडियो साझा करते हुए अनुभव दुबे ने लिखा कि इस घटना के लिए बच्चे को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो उन्हें घर में सिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में सार्वजनिक स्थानों पर खुले में पेशाब करने की आदत इतनी सामान्य हो गई है कि कई लोग इसे गलत मानते ही नहीं हैं।
विदेशी पर्यटकों पर असर
अनुभव दुबे ने कहा कि इंदौर लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित स्थान पर इस तरह की घटना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी विदेशी पर्यटक ने यह दृश्य देखा होता तो भारत की छवि पर इसका क्या प्रभाव पड़ता।
उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों के सार्वजनिक व्यवहार और अनुशासन से भी आंकी जाती है।
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सिर्फ शौचालय बनाने से नहीं बदलेगी सोच
उन्होंने सरकार के स्वच्छता अभियान और शौचालय निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने से बदलाव नहीं आएगा। जब तक लोगों की सोच और आदतों में परिवर्तन नहीं होगा, तब तक स्वच्छ भारत का उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि बच्चों में सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना माता-पिता की जिम्मेदारी है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने इसे नागरिक जिम्मेदारी की कमी बताया, जबकि कुछ ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और अनुशासन का महत्व सिखाया जाना चाहिए।










