उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देते हुए 100 बेड वाले ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में अस्पताल निर्माण के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रस्ताव के मुताबिक, ईएसआईसी अस्पताल का निर्माण गीडा के सेक्टर-9 स्थित 5.249 एकड़ (21,427 वर्गमीटर) भूमि पर किया जाएगा। इसके लिए भूखंड संख्या AL-7 आवंटित की जाएगी। सरकार ने इस भूमि को मौजूदा 8,720 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर के बजाय 2,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की रियायती दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
गंभीर मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा दूसरे शहर
फिलहाल गोरखपुर में ईएसआईसी से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिजनों को सामान्य इलाज जिला अस्पताल और गीडा स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में मिल जाता है, लेकिन गंभीर बीमारियों की स्थिति में उन्हें वाराणसी या अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। नए अस्पताल के शुरू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि गोरखपुर में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना से पूर्वांचल के हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही अस्पताल के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
औद्योगिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि गीडा क्षेत्र में आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल बनने से औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इससे न केवल श्रमिकों का जीवन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।










