इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) से फर्जी एनओसी (NOC) तैयार कर सरकारी तंत्र को गुमराह करने का मामला सामने आया है। इस मामले में IDA के भू-अर्जन अधिकारी की शिकायत पर तुकोगंज थाना पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तारा उपाध्याय और उनके पति गजेन्द्र प्रसाद उपाध्याय, निवासी 97 विष्णुपुरी, इंदौर के खिलाफ की गई है। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336, 338 और 340 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
जानकारी के मुताबिक, उपाध्याय दंपति की स्कीम क्रमांक 97/4 के ग्राम हुकमाखेड़ी में सर्वे नंबर 95 और 96 की कुल 0.142 हेक्टेयर जमीन है। इस भूमि पर निर्माण की अनुमति के लिए उन्होंने IDA से एनओसी मांगी थी, लेकिन योजना में भूमि अधिग्रहण (लैंड एक्विजिशन) की स्थिति होने के कारण IDA ने एनओसी जारी करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उपाध्याय दंपति ने IDA के एक अधिकारी के नकली हस्ताक्षर कर फर्जी एनओसी तैयार की और उसे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) में जमा कर दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने एनओसी की पुष्टि के लिए IDA से संपर्क किया। जांच के दौरान IDA ने स्पष्ट कर दिया कि संबंधित एनओसी उसके द्वारा जारी ही नहीं की गई है। इसके बाद प्राधिकरण ने पूरे मामले की जांच कर तुकोगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
गौरतलब है कि हाल ही में IDA में फर्जी एनओसी का एक और मामला सामने आया था, जिसमें प्राधिकरण के एक कर्मचारी की कथित मिलीभगत की बात भी सामने आई थी। अब एक और प्रकरण में पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद IDA की एनओसी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/07/06/ida-fake-noc-case-indore-2026-07-06-13-00-45.jpeg)










