शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए रोबोट चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। पीपल्याहाना, बंगाली और खजराना चौराहे के बाद अब रोबोट चौराहा इंदौर का अगला बड़ा जंक्शन होगा, जहां फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। फिजिबिलिटी सर्वे पूरा हो चुका है और अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
460 मीटर लंबा होगा फ्लाईओवर
प्रारंभिक योजना के अनुसार फ्लाईओवर की लंबाई करीब 460 मीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका डिजाइन खजराना फ्लाईओवर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। दोनों ओर अलग-अलग लेन होंगी, जबकि बीच से मेट्रो ट्रैक गुजरेगा।
आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े ने बताया कि अगले दो महीनों में सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। फ्लाईओवर का निर्माण इस तरह होगा कि नीचे की सड़क पर ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहे। इसके लिए कम से कम पिलर बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
पेड़ नहीं कटेंगे, ट्रांसप्लांट किए जाएंगे
फ्लाईओवर के एप्रोच निर्माण के लिए ग्रीन बेल्ट की कुछ जमीन का उपयोग होगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित पेड़ों को काटा नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें ट्रांसप्लांट कर आईडीए के उद्यानों और अन्य स्थानों पर लगाया जाएगा।
आईडीए अब रेडिसन चौराहे पर भी फ्लाईओवर की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि भविष्य में यहां फ्लाईओवर नहीं बनाया गया तो रोबोट चौराहे जैसी ट्रैफिक समस्या वहां भी खड़ी हो सकती है।
वर्तमान में रोबोट चौराहे से प्रतिदिन 1.5 से 1.70 लाख वाहन गुजरते हैं। पीक ऑवर और बारिश के दौरान यहां लंबा जाम लगना आम बात है। कई बार खजराना ब्रिज से रोबोट चौराहा पार करने में 20 से 30 मिनट तक लग जाते हैं। फ्लाईओवर बनने के बाद इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और रिंग रोड का बड़ा हिस्सा सिग्नल-फ्री हो जाएगा।
50 से ज्यादा कॉलोनियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का लाभ विजयनगर एक्सटेंशन, महालक्ष्मी नगर, तुलसी नगर, राजीव गांधी चौराहा सहित 50 से अधिक कॉलोनियों के रहवासियों को मिलेगा। साथ ही खजराना से रेडिसन चौराहे के बीच ट्रैफिक का दबाव भी काफी कम होने की संभावना है।
परियोजना के तहत दोनों लेन की चौड़ाई 12 मीटर रखी जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा और इसे करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।










