यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, शाहजहांपुर का जलालाबाद अब कहलाएगा ‘परशुराम पुरी’

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By Raj RathorePublished On: July 6, 2026
CM Yogi

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर ‘परशुराम पुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही वर्ष 2018 से चल रही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो गई।

जलालाबाद का नाम बदलने का प्रस्ताव सबसे पहले मार्च 2018 में शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में पारित किया गया था। इसके बाद सितंबर 2023 में नगर पालिका ने दोबारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने अपनी संस्तुति के साथ प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा, जिसे बाद में केंद्र सरकार के पास भेजा गया। केंद्र सरकार ने 20 अगस्त 2025 को नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी थी। अब उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने भी इसे अंतिम स्वीकृति दे दी है।

भगवान परशुराम की जन्मस्थली मानी जाती है यह जगह

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। यहां उनका एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है। इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्थान को आधिकारिक रूप से ‘परशुराम जन्मभूमि’ घोषित किया था।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस कस्बे का नाम मुगल सम्राट जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में जलालाबाद रखा गया था। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग ऐतिहासिक मत भी मौजूद हैं।

मुगल काल में था महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र

इतिहासकारों के अनुसार, मुगल शासनकाल में यह कस्बा दिल्ली, अवध और बंगाल को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित था। उस समय यह मुगल सेना के ठहराव और प्रशासनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। अकबर के शासनकाल में यहां प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था को मजबूत किया गया था।