मानसून में इंदौर की इन 15 जगहों पर जाना पड़ेगा भारी, दर्ज होगी एफआईआर, प्रशासन ने जारी किया सख्त आदेश

Author Picture
By Raj RathorePublished On: July 3, 2026
Indore Monsoon Destination

मानसून की शुरुआत के साथ ही इंदौर और महू के आसपास स्थित वॉटरफॉल और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 25 जून से 22 अगस्त तक महू क्षेत्र के 15 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

प्रतिबंधित स्थलों में तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डैम, शीतला माता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाड़ी फॉल, लोहिया कुंड, जोगी भड़क, हत्यारी खोह, पातालपानी, जनापाव सहित महू क्षेत्र के कुल 15 पर्यटन स्थल शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश से जलस्तर बढ़ने और चट्टानों पर फिसलन के कारण इन स्थानों पर हादसों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

66 लोगों की हुई मौत

इंदौर ग्रामीण पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से 23 जून 2026 तक जिले के पर्यटन स्थलों पर हुए हादसों में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा थे, जिनकी जान डूबने, फिसलने या तेज बहाव में बह जाने से गई।

सबसे अधिक हादसे बड़गोंदा थाना क्षेत्र के जाम गेट पर हुए, जहां 10 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा तिंछा फॉल में 8, मोहाड़ी फॉल में 7, जनापाव वाटरफॉल में 6, जबकि शीतला माता फॉल और चोरल डैम में 5-5 लोगों की जान जा चुकी है। पातालपानी, चोरल रिवर स्पॉट और लोहिया कुंड में भी कई जानलेवा हादसे दर्ज हुए हैं।

उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

ग्रामीण डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले तीन लोगों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस लगातार कॉलेजों, स्कूलों और पर्यटकों को जागरूक कर रही है कि वे प्रतिबंधित और जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 में 9, वर्ष 2023 में 17, वर्ष 2024 में 14, वर्ष 2025 में 14 और वर्ष 2026 में 23 जून तक 12 लोगों की मौत पर्यटन स्थलों पर हुई है। अधिकांश हादसे बारिश के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी, गहरे पानी में उतरने और जोखिम भरे स्थानों पर जाने के कारण हुए।

सेल्फी भी बन रही मौत की वजह

बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में युवा खूबसूरत लोकेशन पर फोटो और सेल्फी लेने के लिए सुरक्षा घेरों को पार कर खतरनाक चट्टानों और कुंडों तक पहुंच जाते हैं। कई मामलों में संतुलन बिगड़ने या पैर फिसलने से उनकी जान चली गई। हाल ही में इंदौर में भी एक युवक की सेल्फी लेते समय फिसलकर मौत हो गई थी।

प्रशासन ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। पातालपानी, चोरल, जनापाव, शीतला माता, मेहंदी कुंड समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी, ताकि किसी भी तरह के हादसे को रोका जा सके।