123 करोड़ रुपए की लागत से बना इंदौर ISBT जल्द शुरू होगा, एयरपोर्ट जैसी मिलेंगी सुविधाएं

Author Picture
By Raj RathorePublished On: July 2, 2026
Indore ISBT

इंदौरवासियों का लंबे समय का इंतजार अब खत्म होने वाला है, शहर के कुमेड़ी स्थित टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) से इसी महीने से बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार इस अत्याधुनिक बस टर्मिनल पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यहां से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए भी बस सेवाएं संचालित होंगी।

करीब 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस परियोजना पर लगभग 123 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बस टर्मिनल का निर्माण विशेष रूप से भविष्य की जरूरतों और सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर किया गया है। इंदौर संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि यह टर्मिनल न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के यात्रियों के लिए प्रमुख परिवहन केंद्र बनेगा।

80 हजार यात्रियों की क्षमता

ISBT से प्रतिदिन करीब 1,440 बसों का संचालन होगा। टर्मिनल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां रोजाना 80 हजार यात्रियों का आवागमन हो सके। पीक आवर्स में एक साथ 8 हजार यात्रियों के ठहरने और आवाजाही की व्यवस्था की गई है।

यात्रियों की सुविधा के लिए यहां 14 टिकट काउंटर, 43 बस प्लेटफॉर्म (28 प्रस्थान और 15 आगमन), विशाल प्रतीक्षालय और एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं, VIP लाउंज भी तैयार

टर्मिनल भवन में 500 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, एयरपोर्ट की तर्ज पर वीआईपी लाउंज, पूछताछ केंद्र, पुलिस चौकी, मेडिकल रूम, क्लॉक रूम, 16 रेस्टोरेंट, 37 दुकानें, 33 कार्यालय और 2 एटीएम बनाए गए हैं।

पूरे भवन में आधुनिक एयर कूलिंग सिस्टम लगाया गया है, जो प्रदेश के किसी भी अन्य आईएसबीटी में उपलब्ध नहीं है।

1000 से ज्यादा वाहनों की पार्किंग

यात्रियों के वाहनों के लिए भी व्यापक व्यवस्था की गई है। परिसर में लगभग 600 दोपहिया, 160 टैक्सी, 150 ऑटो रिक्शा, 50 निजी कारों और बेसमेंट में 315 चारपहिया वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय और वर्षा जल संरक्षण (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था भी की गई है।

इस ISBT की सबसे बड़ी विशेषता इसका मेट्रो स्टेशन से सीधा कनेक्शन है। मेट्रो से उतरने वाले यात्री सीधे बस टर्मिनल पहुंच सकेंगे और बस यात्रियों को भी बिना अतिरिक्त परिवहन के मेट्रो सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सामने 75 मीटर चौड़ी एमआर-10 सड़क और तीन ओर 30 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई गई हैं, जिससे आवागमन सुगम रहेगा।

4 राज्यों के लिए शुरू होगी बस सेवा

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत जुलाई से तीन श्रेणियों की बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इंदौर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए इंटरसिटी बसें चलेंगी, जबकि शहर और उपनगरीय क्षेत्रों में सिटी बस सेवा भी संचालित होगी।

इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए अंतरराज्यीय बसों का संचालन भी अनुबंध के अनुसार शुरू किया जाएगा। साथ ही जुलाई से पीएम ई-बस सेवा के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसें भी इंदौर की सड़कों पर उतरेंगी।

1688 बसों के संचालन की योजना

संभाग आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के अनुसार, इंदौर से कुल 250 इंटरसिटी और अंतरराज्यीय मार्गों पर 1688 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। वहीं केवल पड़ोसी राज्यों के लिए 101 मार्गों पर 276 बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) द्वारा किया जाएगा। इससे इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन हब बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाएगा।