उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 45 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के संचालन से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक पहुंचने वाले यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास से आयोजित कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। इनमें से 34 बसें नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित होंगी, जबकि 11 बसें लखनऊ में चलाई जाएंगी। पहले चरण में 30 से 35 बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा।
नई इलेक्ट्रिक बस सेवा के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र के लोगों को जेवर एयरपोर्ट तक सीधी और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया गया, जिससे बस संचालन और रखरखाव व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
2017 के बाद बदली प्रदेश की तस्वीर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश टूटी सड़कों, खराब कानून व्यवस्था और निवेश के संकट से जूझ रहा था। लेकिन बीते नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को नई पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के पास लगभग 4 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, जिसमें हाईवे, स्टेट हाईवे, एक्सप्रेसवे और इंटरस्टेट कनेक्टिविटी शामिल है। यही कारण है कि प्रदेश देश के सर्वश्रेष्ठ रोड नेटवर्क वाले राज्यों में गिना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का यह संचालन लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों में करीब 700 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं मिल रही हैं।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल ध्वनि और वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यूपीएसआरटीसी की ये नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी अयोध्या उपेक्षा का प्रतीक थी, लेकिन आज वहां महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हो रहा है और रामनगरी विश्व स्तर पर अपनी नई पहचान बना रही है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।











