सरकारी दफ्तरों में समस्या के समाधान के लिए आवेदन देना जरूरी होता है, लेकिन कई लोगों के लिए आवेदन तैयार करना ही बड़ी परेशानी बन जाता है।
खासकर गरीब, बुजुर्ग और ग्रामीण आवेदकों को टाइपिंग, प्रिंट और फोटोकॉपी के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। अब इंदौर जिला प्रशासन ने इस समस्या को दूर करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है।
इंदौर कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में आने वाले लोगों के लिए आवेदन नि:शुल्क तैयार किए जाएंगे। इसके लिए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के पास कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती की गई है। यहां आवेदक अपनी समस्या बताएंगे और कर्मचारी उनकी शिकायत को व्यवस्थित तरीके से लिखकर आवेदन तैयार करेंगे।
गरीब और बुजुर्ग आवेदकों को मिलेगी राहत
हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचते हैं, जिन्हें अपनी समस्या लिखित आवेदन में बताने में परेशानी होती है। इनमें बुजुर्ग, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग शामिल होते हैं।
कई बार आवेदन तैयार कराने के लिए इन्हें टाइपिंग और फोटोकॉपी के पैसे देने पड़ते हैं। वहीं, शिकायत में संबंधित विभाग या अधिकारी का सही उल्लेख नहीं होने के कारण आवेदन गलत जगह पहुंच जाता है और आवेदक को दोबारा भटकना पड़ता है।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि कलेक्ट्रेट में आवेदन लिखने की व्यवस्था कर दी गई है और यह पूरी सुविधा नि:शुल्क होगी।
गलत आवेदन के कारण नहीं होगी परेशानी
प्रशासन के मुताबिक कई बार जनसुनवाई के पंजीयन डेस्क पर ही आवेदन में जरूरी जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी सामने आती है। कुछ आवेदनों में आवेदक की वास्तविक समस्या स्पष्ट नहीं होती, तो कई में पता या मोबाइल नंबर भी सही तरीके से दर्ज नहीं होता।
इसके अलावा संबंधित विभाग या अधिकारी का उल्लेख गलत होने पर शिकायत के निराकरण में भी देरी होती है। नई व्यवस्था के तहत आवेदन तैयार करते समय आवेदक की समस्या, पता, मोबाइल नंबर और संबंधित विभाग जैसी जरूरी जानकारी व्यवस्थित तरीके से दर्ज की जाएगी।
आवेदन के साथ जरूरत पड़ने पर फोटोकॉपी भी मुफ्त
कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के पास अपने अधीन कर्मचारियों के माध्यम से यह व्यवस्था शुरू कराई है। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आवेदक को आवेदन लिखने से मना नहीं किया जाएगा और इसके बदले कोई राशि नहीं ली जाएगी।
जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता को आवेदन का प्रिंटआउट और उसकी फोटोकॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए आवेदन तैयार कराने और उसकी प्रतियां निकलवाने के लिए अलग-अलग जगहों पर न भटकना पड़े।
हर मंगलवार 300 से ज्यादा आवेदन पहुंचते हैं
इंदौर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में हर मंगलवार 300 से अधिक आवेदन पहुंचते हैं। इनमें जमीन और अतिक्रमण से जुड़े राजस्व प्रकरण, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता, बुजुर्गों की समस्याएं और पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें शामिल रहती हैं।
नई व्यवस्था से उम्मीद है कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों की शिकायतें शुरुआत से ही व्यवस्थित रूप में दर्ज होंगी और संबंधित विभाग तक पहुंचने में होने वाली परेशानियां कम होंगी। प्रशासन का दावा है कि इससे जनसुनवाई की प्रक्रिया को अधिक सरल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।










