छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के विकास मॉडल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, वही आज नए भारत की विकास यात्रा का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है और देश की अर्थव्यवस्था की धुरी बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारी संघवाद पर आधारित ‘टीम भारत’ के विजन ने राज्यों के बीच समन्वय, विकास और सुशासन की नई दिशा तय की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बेहतर तालमेल का ही परिणाम है कि आज देश के दूरस्थ और कभी चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले क्षेत्रों में भी तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है।
बस्तर का बदलता स्वरूप
सीएम योगी ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आयोजित होना अपने आप में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक समय बस्तर को नक्सलवाद और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज वहां विकास, संवाद और सुशासन की बात हो रही है। यह नए भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर अपराध और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे कानून का राज स्थापित हुआ।
साइबर अपराध पर ‘सर्जिकल वार’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर अपराध के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में साइबर अपराध पर “सर्जिकल वार” किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में प्रदेश में केवल दो साइबर थाने थे, जबकि आज सभी 75 जिलों में साइबर थाने स्थापित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। तकनीक के उपयोग से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है और लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है।











