उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में कथित धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ गिरोह चलाने के मामले में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी संगठित तरीके से हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्मांतरण कराने की साजिश चला रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना मौलवी खलीलु रहमान और जिम ट्रेनर इमरान खान बताया जा रहा है। आरोप है कि जिम में आने वाली युवतियों से दोस्ती कर उन्हें बहला-फुसलाया जाता था और बाद में मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था।
जिम की आड़ में चल रहा था संगठित गिरोह
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी जिम को माध्यम बनाकर महिलाओं को अपने संपर्क में लेते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य ट्रेनिंग और फिटनेस के बहाने युवतियों के करीब आते थे, फिर उन्हें प्रेम संबंधों में फंसाकर निजी तस्वीरें और वीडियो तैयार करते थे। बाद में इन्हीं के जरिए ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह के निशाने पर खासतौर पर हिंदू युवतियां थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।
सीएम योगी के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद मिर्जापुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसे मामलों में कड़ा संदेश देना है ताकि अपराधी कानून का डर महसूस करें।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है।










