बंगाल में दिखी योगी मॉडल की झलक, पहली कैबिनेट बैठक में ही दिखे संकेत, फोटो हुई वायरल

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By Raj RathorePublished On: May 11, 2026
CM Yogi Adityanath and Suvendu Adhikari

सुवेंदु अधिकारी और योगी आदित्यनाथ के बीच बढ़ती राजनीतिक और वैचारिक नजदीकियां एक बार फिर चर्चा में हैं। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बने सुवेंदु अधिकारी हाल के दिनों में कई मौकों पर योगी आदित्यनाथ की शैली से प्रभावित नजर आए हैं।

ताजा मामला प्रशासनिक समीक्षा बैठक से जुड़ा है, जहां सुवेंदु अधिकारी की कुर्सी पर भगवा रंग का तौलिया दिखाई दिया। यह वही शैली मानी जा रही है, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लंबे समय से अपनाते रहे हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी चर्चा

सुवेंदु अधिकारी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रशासनिक बैठक की तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते नजर आए। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि नबन्ना में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष, डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता और कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

उन्होंने कहा कि बैठक में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा की गई तथा नागरिकों की सुरक्षा और बेहतर शासन व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।हालांकि सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा उनकी कुर्सी पर रखे भगवा तौलिए को लेकर शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इसे “योगी स्टाइल” बताया।

शपथ ग्रहण में भी दिखी थी खास केमिस्ट्री

इससे पहले कोलकाता में हुए शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच खास तालमेल देखने को मिला था। शपथ ग्रहण समारोह में योगी आदित्यनाथ ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनने की बधाई देते हुए उनके गले में भगवा रंग का स्कार्फ पहनाया था।

वहीं सुवेंदु अधिकारी भी पारंपरिक बंगाली धोती के साथ भगवा कुर्ते में नजर आए थे, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी।

बंगाल चुनाव से ही बढ़ी नजदीकियां

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल थे। चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी और योगी कई मंचों पर साथ दिखाई दिए। सुवेंदु अधिकारी कई बार सार्वजनिक मंचों से उत्तर प्रदेश मॉडल और योगी सरकार की कानून व्यवस्था की तारीफ भी कर चुके हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा अब हिंदुत्व और मजबूत प्रशासनिक छवि को लेकर उसी रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती है, जिसकी पहचान योगी आदित्यनाथ से जुड़ी रही है।