मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास को गति देते हुए इंदौर और उज्जैन के बीच एक नए 4-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण परियोजना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित होगी, जिसका लक्ष्य दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा के समय को कम करना है। राज्य सरकार इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
इस हाईवे के पूरा होने के बाद इंदौर से उज्जैन पहुंचने में केवल 30 मिनट का समय लगेगा, जिससे यात्रियों को सुपरफास्ट कनेक्टिविटी का अनुभव मिलेगा। वर्तमान में, इन दोनों शहरों के बीच यात्रा में काफी अधिक समय लगता है, जो इस नई सड़क के निर्माण के साथ काफी कम हो जाएगा। यह कॉरिडोर राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे मॉडल का अनुकरण
यह हाईवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे आधुनिक मानकों पर बनाया जाएगा। इसमें नवीनतम इंजीनियरिंग और सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे, जो यात्रियों के लिए एक सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग प्रदान करेंगे।
इस तरह के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विकास में तेजी लाने में सहायक होते हैं। परियोजना का उद्देश्य सिर्फ यात्रा का समय कम करना नहीं, बल्कि एक विश्वस्तरीय परिवहन अनुभव प्रदान करना है।
धार्मिक महत्व
इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, जबकि उज्जैन एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन केंद्र है, जहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। दोनों शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार और वाणिज्य को लाभ मिलेगा, बल्कि महाकालेश्वर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा सुगम हो जाएगी। यह परियोजना उज्जैन के धार्मिक पर्यटन को भी एक नई गति प्रदान कर सकती है और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। मध्य प्रदेश सरकार का यह प्रयास राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का हिस्सा है।











