मध्य प्रदेश विधानसभा में 27 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन’ पर विशेष सत्र, महिला सशक्तिकरण पर होगी चर्चा

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By Raj RathorePublished On: April 21, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा में 27 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा। इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ से जुड़े महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण पर व्यापक विमर्श होगा। विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान इस विशेष सत्र की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन में व्यापक विमर्श किया जाएगा।

सत्र की कार्यप्रणाली और नियम

अधिसूचना के अनुसार, सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तथा दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होगी। सत्र के दौरान सदस्यों के लिए आचरण संबंधी नियमों का भी विशेष उल्लेख किया गया है। इसमें मर्यादित भाषा के उपयोग और लंबित न्यायिक मामलों पर टिप्पणी से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सदस्यों से अपेक्षा की गई है कि वे दर्शकों को बिना प्रवेश-पत्र के परिसर में प्रवेश न दिलाएं।

इसका उद्देश्य सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करना है। विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों से समय-समय पर उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों और सूचनाओं का उपयोग सुनिश्चित करने तथा आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखने की भी अपील की है।

राजनीतिक गहमागहमी: भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन के मुद्दे पर भाजपा देशभर में आक्रामक अभियान चला रही है। पार्टी ने कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को महिला विरोधी बताने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

इसी क्रम में राजधानी भोपाल में भाजपा ने ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में एक आक्रोश रैली भी निकाली थी। इस रैली के जरिए पार्टी ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखा।

वहीं, इस मामले पर कांग्रेस भी भाजपा पर पलटवार कर रही है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोड़ना सरकार की सोची-समझी रणनीति थी।

इससे इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ कदम बताया और कहा कि विपक्ष की एकजुटता के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

कांग्रेस ने वर्ष 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग तेज कर दी है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार जानबूझकर इसे लागू करने में देरी कर रही है। इससे महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।

कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार की इस देरी से यह साफ होता है कि वह महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी ने सरकार से बिना और विलंब किए महिला आरक्षण कानून को लागू करने की मांग की है। इससे देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी का उचित अवसर मिल सकेगा।