इंदौर में पांच घंटे बाद आई बिजली, आंधी तूफान से कई जगह गिरे पेड़, ट्रैफिक जाम में घंटों रेंगते रहे वाहन

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By Raj RathorePublished On: June 1, 2026
Indore Power Cut News

Indore News : इंदौर में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी-बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक चली तेज हवाओं और बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कुछ ही मिनटों में हालात ऐसे बने कि कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और घरों के शेड उखड़ गए।

नगर निगम कंट्रोल रूम के अनुसार शहर में कुल 174 स्थानों से पेड़ और टहनियां गिरने की सूचना मिली। वहीं दस से अधिक जगहों पर पेड़ और टहनियां वाहनों पर गिरने से नुकसान हुआ। विजय नगर और नंदा नगर जैसे इलाकों में करीब पांच घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हो सकी। मालवा मिल, जंजीरवाला चौराहा, रीगल, पाटनीपुरा, परदेशीपुरा, एलआईजी और भमोरी सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रही।

60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार

जानकारी के मुताबिक आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार लगभग 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवाओं के कारण शहर के 25 से अधिक इलाकों में कई घंटों तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप रही। कई जगहों पर टीन शेड और फाइबर शीट उड़कर सड़कों पर जा गिरीं।

राऊ, छत्रीबाग, संचार नगर और खातीपुरा सहित कई इलाकों में बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

कई इलाके अंधेरे में डूबे

आंधी शुरू होते ही सुरक्षा के मद्देनजर और कई जगह लाइनें टूटने के कारण बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी। रिंग रोड, विजयनगर, पलासिया, भंवरकुआं, राजेंद्र नगर और छतरीपुरा के कई हिस्सों में लंबे समय तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही।

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि तेज आंधी के कारण कई फीडर ट्रिप हो गए और मुख्य लाइनों पर पेड़ों की शाखाएं गिर गईं। उन्होंने कहा कि बारिश रुकने और मलबा हटने के बाद सुधार कार्य तेजी से शुरू किया गया।

घंटों रेंगता रहा ट्रैफिक

आंधी का सबसे ज्यादा असर शहर के यातायात पर देखने को मिला। एबी रोड, रिंग रोड और एमजी रोड के कई हिस्सों में बड़े पेड़ और होर्डिंग्स गिरने से लंबा जाम लग गया। दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण वाहन धीरे-धीरे रेंगते नजर आए।

वाहनों को भी हुआ नुकसान

कच्चे मकानों और बहुमंजिला इमारतों की छतों पर लगे टीन शेड तेज हवा के झोंकों में उड़ गए। मुसाखेड़ी, भूरी टेकरी और निचली बस्तियों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।

हालांकि राहत की बात यह रही कि देर शाम तक किसी बड़ी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई, लेकिन कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पेड़ों के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गए।