8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 18 हजार से बढ़कर 69 हजार होगी बेसिक सैलरी!

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By Raj RathorePublished On: April 21, 2026

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को देखते हुए कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।

मौजूदा समय में 18,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक पे सीधे 69,000 रुपये करने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव के तहत बेसिक सैलरी में एक झटके में 51,000 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है।

यह आंकड़ा सुनने में भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इसके पीछे ठोस तर्क और एक नया आर्थिक गणित पेश किया है। आइए समझते हैं कि आखिर यह मांग कैसे उठी और क्या सरकार इसे स्वीकार करेगी।

नए फॉर्मूले का गणित

वेतन वृद्धि का पूरा ताना-बाना ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर आधारित होता है। इसी से भविष्य में सैलरी और पेंशन का ग्राफ तय होता है। केंद्रीय कर्मचारियों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार के सामने यह मजबूत प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत बेसिक सैलरी को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग की गई है।

अगर इसे प्रतिशत में समझें, तो यह मौजूदा सैलरी का लगभग 3.83 गुना है। इसी आधार पर कर्मचारी यूनियनों ने 3.833 के नए फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई के दौर में एक आम कर्मचारी अपने परिवार का उचित भरण-पोषण कर सके, इसके लिए यह बढ़ोतरी आवश्यक है।

खर्च का नया खाका

अचानक इतनी बड़ी बढ़ोतरी की मांग यूं ही नहीं की गई है। इसके पीछे बदली हुई जीवनशैली और कुछ वैज्ञानिक आधार मौजूद हैं। एक बड़ा बदलाव कैलोरी के मानक में किया गया है। अब खर्च का हिसाब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा तय किए गए 3,490 कैलोरी वाले नए डाइट प्लान के आधार पर लगाया जा रहा है।

दूसरा सबसे अहम बदलाव परिवार के आकार को लेकर है। पहले वेतन आयोग की गणना में एक परिवार में तीन सदस्य माने जाते थे। अब इसे बढ़ाकर पांच सदस्यों का परिवार कर दिया गया है। जाहिर है, जब परिवार में सदस्य बढ़ेंगे और डाइट का मानक बदलेगा, तो राशन, दूध, फल-सब्जी और रोजमर्रा की अन्य जरूरतों का बिल भी भारी-भरकम होगा। इस सटीक खर्च को निकालने के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के सरकारी स्टोर्स से जरूरी सामानों की औसत कीमतों का डेटा जुटाया गया है।

क्या सरकार मान लेगी इतनी बड़ी मांग?

कर्मचारियों की मांगें अपनी जगह हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्रालय इस भारी-भरकम प्रस्ताव को जस का तस स्वीकार कर लेगा। अगर हम पिछले वेतन आयोग यानी सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के इतिहास पर नजर डालें, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। उस समय भी कर्मचारी संगठनों ने 3.71 के फिटमेंट फैक्टर की पुरजोर मांग की थी।

हालांकि, तब सरकार ने राजकोषीय घाटे और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बोझ का आकलन किया था। इसके बाद फिटमेंट फैक्टर को 2.57 पर ही सीमित कर दिया गया था। ऐसे में इस बार भी यह तय माना जा रहा है कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी बातचीत होगी। अंतिम मुहर लगने से पहले आंकड़ों में कुछ बदलाव जरूर देखने को मिल सकता है।

कब तक मिलेगी कर्मचारियों को इस सैलरी की सौगात?

हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर नई सैलरी का यह स्ट्रक्चर कब से लागू होगा। मौजूदा टाइमलाइन के अनुसार, आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद उसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने में मई 2027 तक का वक्त लग सकता है।

रिपोर्ट आने के बाद सरकार इसका गहनता से अध्ययन करेगी। इसे लागू करने में 3 से 6 महीने का अतिरिक्त समय लगेगा। यदि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के अपने तय समय पर चलती रही, तो साल 2027 की दूसरी छमाही में केंद्रीय कर्मचारियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई शानदार सैलरी क्रेडिट होना शुरू हो जाएगी।