राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं का असर अब मध्य प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। मार्च की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी ने तेजी से दस्तक दे दी है और कई जिलों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने लगा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय खासा गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार 7 मार्च 2026 को रतलाम में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार 8 मार्च को भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई शहरों में गर्मी का असर और तेज रहने के आसार हैं। विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
कई जिलों में 35 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान
मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान पहले ही 35 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार कर चुका है। नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि धार में 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सीहोर जिले के भैरुंदा में 37.2 डिग्री सेल्सियस और सागर में भी करीब 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुना में 37 डिग्री, दमोह में 37 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और इंदौर में 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में 35.2 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं रीवा में 33.2 डिग्री और कटनी जिले के करौंदी क्षेत्र में 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर रात के समय कुछ इलाकों में हल्की ठंडक अभी भी बनी हुई है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस, कटनी में 11.8 डिग्री, मंदसौर में 12.2 डिग्री, शाजापुर में 12.6 डिग्री और राजगढ़ में 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम प्रणालियों के कारण बढ़ेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। वर्तमान में चक्रवातीय परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन जैसी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर लगभग 204 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं, जो समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चल रही हैं। इसके अलावा 9 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव के चलते अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है और कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी और लू का असर
मौसम विभाग के अनुसार मार्च के दूसरे और तीसरे सप्ताह में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। इसके बाद अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है। अनुमान है कि इन महीनों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। खास तौर पर ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर देखने को मिलेगा। नीमच, मंदसौर, विदिशा, सागर, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में भी तापमान लगातार ऊंचा बना रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव यानी लू चलने की स्थिति बन सकती है, खासकर बुंदेलखंड और पूर्वी मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।










