केरल की पिनराई विजयन सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 10 प्रतिशत अंकों की वृद्धि की घोषणा की है। इस संबंध में 20 फरवरी 2026 को औपचारिक आदेश जारी किया गया। सरकार के अनुसार इस फैसले का लाभ 5 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनभोगी वर्ग को मिलेगा।
राज्य में अभी तक 25% DA और DR लागू था। नए आदेश के बाद यह बढ़कर 35% हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई दर का नकद लाभ मार्च 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिसका भुगतान अप्रैल की शुरुआत में होगा। इसी तरह महंगाई राहत की नई दर अप्रैल 2026 की पेंशन के साथ जारी की जाएगी।
एरियर भुगतान पर अलग आदेश
सरकार ने कहा है कि 1 जनवरी 2024 से 28 फरवरी 2026 तक की बकाया राशि यानी एरियर के भुगतान के लिए अलग से विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा। अभी के आदेश में चालू माह से बढ़ी हुई दर पर नकद भुगतान की अनुमति दी गई है। इसका मतलब यह है कि नियमित भुगतान चक्र में नई दर लागू होगी, जबकि पिछली अवधि की देनदारी का निपटान अलग प्रशासनिक निर्देश के जरिए किया जाएगा।
वित्तीय और प्रशासनिक दृष्टि से यह प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एरियर का भुगतान आमतौर पर विभागवार गणना, श्रेणीवार देयताओं और भुगतान चरणों पर निर्भर करता है। राज्य ने इसी कारण एरियर के लिए अलग आदेश का रास्ता रखा है, ताकि भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट और एकरूप रह सके।
किन संस्थानों पर लागू होगा फैसला
सरकारी आदेश के दायरे में केवल सचिवालय या विभागीय कर्मचारी ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU), वैधानिक निगम, स्वायत्त संस्थान और बोर्ड भी शामिल किए गए हैं। हालांकि इनके लिए शर्त रखी गई है कि वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को अपने संसाधनों से वहन करने में सक्षम हों।
जिन संस्थानों की 90% से अधिक वेतन या पेंशन देनदारी सरकारी अनुदान से पूरी होती है, वे संबंधित मंजूरी लेकर यह बढ़ोतरी लागू कर सकते हैं। यानी आदेश में पात्रता के साथ वित्तीय क्षमता और प्रशासनिक स्वीकृति, दोनों शर्तें जोड़ी गई हैं।
इन वर्गों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने लाभार्थियों की श्रेणियां भी स्पष्ट की हैं। इसमें राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी शामिल हैं। सहायता प्राप्त (Aided) स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे। स्थानीय निकायों (LSGIs) के कर्मचारी और पूर्णकालिक आकस्मिक कर्मचारी भी पात्र होंगे।
पेंशनभोगियों के हिस्से में नियमित पेंशनर, पारिवारिक पेंशनर और अनुग्रह (Ex-gratia) लाभार्थियों को महंगाई राहत का फायदा मिलेगा। इससे संकेत मिलता है कि आदेश का दायरा व्यापक रखा गया है और वेतनभोगी तथा पेंशनभोगी, दोनों वर्गों को साथ लिया गया है।
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत क्या हैं
महंगाई भत्ता वह अतिरिक्त भुगतान है जो मुद्रास्फीति के असर को संतुलित करने के लिए कर्मचारियों को दिया जाता है। पेंशनभोगियों के लिए इसी तरह का भुगतान महंगाई राहत के रूप में लागू होता है। यह मूल वेतन या पेंशन से अलग एक प्रतिशत आधारित घटक होता है, जिसकी दर समय-समय पर संशोधित की जाती है।
इन दरों के निर्धारण में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महत्वपूर्ण आधार होता है। महंगाई बढ़ने पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय-शक्ति पर असर पड़ता है, इसलिए DA/DR संशोधन को आय-संतुलन का औजार माना जाता है।
केंद्र और राज्य की प्रक्रिया
केंद्र सरकार आम तौर पर साल में दो बार, जनवरी और जुलाई की प्रभावी तिथियों के आधार पर, DA और DR में संशोधन करती है। घोषणाएं प्राय: मार्च और अक्टूबर के आसपास होती हैं और ये अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के छमाही आंकड़ों पर आधारित रहती हैं। राज्यों में कई बार इन्हीं रुझानों के बाद स्थानीय वित्तीय स्थिति के अनुसार संशोधन किए जाते हैं।
केरल का ताजा फैसला भी इसी व्यापक ढांचे के बीच आया है, लेकिन इसकी समय-सीमा और भुगतान चरण राज्य सरकार ने अपने आदेश में अलग से परिभाषित किए हैं। अभी तत्काल प्रभाव से नई दर लागू होगी, जबकि लंबित अवधि का एरियर अलग निर्देश के बाद दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, 10 प्रतिशत अंकों की इस बढ़ोतरी से राज्य के बड़े कर्मचारी-पेंशनर आधार को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मार्च वेतन और अप्रैल पेंशन चक्र से असर दिखना शुरू होगा, जबकि 2024 से 2026 तक के एरियर पर अगला प्रशासनिक आदेश अब मुख्य प्रतीक्षा बिंदु रहेगा।











