बड़ी खुशखबरी! Gorakhpur में बनेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, 339 करोड़ रुपय होंगे खर्च

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By Raj RathorePublished On: February 19, 2026

Gorakhpur : उत्तर प्रदेश में खेल ढांचे को लेकर सरकार ने गोरखपुर के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राज्य सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए MoU साइन किया गया। यह परियोजना 339 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जानी है।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि गोरखपुर में प्रस्तावित स्टेडियम के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने वित्तीय सहयोग दिया है। उनके मुताबिक इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने 30 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। सरकार ने इसे क्षेत्रीय खेल सुविधाओं के विस्तार से जोड़ा है।

“गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने का काम शुरू हो गया है, जिसकी कुल लागत 339 करोड़ रुपये है।” — योगी आदित्यनाथ

यह MoU ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश में बड़े खेल परिसरों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्टेडियमों पर फोकस बढ़ा है। गोरखपुर पूर्वांचल का प्रमुख शहर है और यहां क्रिकेट के लिए अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर का ढांचा बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और चयन प्रक्रियाओं में नई सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसने कितना दिया?

मुख्यमंत्री के बयान के आधार पर परियोजना के लिए शुरुआती कॉर्पोरेट योगदान तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों से आया है। IOCL का योगदान 60 करोड़ रुपये, BPCL का 30 करोड़ रुपये और HPCL का 10 करोड़ रुपये बताया गया। इन तीनों का कुल योग 100 करोड़ रुपये है। बाकी लागत राज्य सरकार और परियोजना संरचना के अन्य प्रावधानों से पूरी की जानी है।

सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। स्टेडियम का डिजाइन, निर्माण समयसीमा, सीटिंग क्षमता और मैच आयोजन से जुड़ी तकनीकी जानकारी MoU के बाद आगे की प्रक्रिया में तय होगी। अभी आधिकारिक तौर पर मुख्य तथ्य कुल लागत और सहयोग मॉडल पर केंद्रित हैं।

वाराणसी स्टेडियम पर भी अपडेट

गोरखपुर परियोजना की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में चल रहे इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह स्टेडियम BCCI की मदद से बनाया जा रहा है और राज्य सरकार जून के मध्य तक निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास कर रही है।

“BCCI की मदद से वाराणसी में एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है और हम इस साल जून के बीच तक कंस्ट्रक्शन का काम पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।” — योगी आदित्यनाथ

इस बयान से साफ है कि राज्य सरकार एक साथ कई शहरों में क्रिकेट बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है। वाराणसी में काम अंतिम चरण की दिशा में बताकर सरकार ने समयबद्ध निर्माण पर जोर दिया, जबकि गोरखपुर में MoU के जरिए औपचारिक निर्माण ढांचा शुरू किया गया है।

पूर्वांचल में खेल ढांचे पर असर

गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनने से पूर्वांचल के खिलाड़ियों को राजधानी या अन्य राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे स्टेडियम सिर्फ मैच आयोजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अकादमी, फिटनेस, टर्फ, कोचिंग और प्रतियोगिताओं के लिए भी स्थायी आधार तैयार करते हैं। हालांकि इन सुविधाओं की अंतिम रूपरेखा संबंधित एजेंसियों की तकनीकी स्वीकृतियों के बाद सामने आएगी।

सरकार की इस पहल को प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच साझेदारी मॉडल अपनाया गया है। इस तरह की भागीदारी से बड़े खेल प्रोजेक्ट्स के लिए धन जुटाने और कार्यान्वयन की गति बढ़ाने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए समझौते ने परियोजना को औपचारिक शुरुआत दे दी है। अब अगला फोकस निर्माण गति, ठेका प्रक्रिया, तकनीकी मानकों और समयसीमा पर रहेगा। इस बीच, वाराणसी परियोजना की प्रगति और गोरखपुर परियोजना की शुरुआत, दोनों को मिलाकर उत्तर प्रदेश में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की एक समानांतर रणनीति सामने आई है।