UP में चाइनीज मांझे पर योगी सरकार का महाएक्शन, 75 जिलों में एक साथ छापेमारी, मौत पर अब हत्या का केस

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By Raj RathorePublished On: February 5, 2026
yogi adityanath

उत्तर प्रदेश में जानलेवा चाइनीज मांझे से हो रही मौतों और गंभीर हादसों पर योगी सरकार ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ इस प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ एक विशेष महाअभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा और मांझे की वजह से किसी की जान जाने पर इसे हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला मानकर कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला हाल के दिनों में चाइनीज मांझे से गला कटने की कई दर्दनाक घटनाओं के बाद लिया गया है। इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया था कि प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा मांझा बाजारों में खुलेआम कैसे बिक रहा है। सरकार अब इस बिक्री और सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करने की तैयारी में है।

75 जिलों में एक साथ एक्शन का ब्लूप्रिंट

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह अभियान जल्द ही पूरे प्रदेश में एक साथ शुरू होगा ताकि किसी भी विक्रेता या सप्लायर को संभलने का मौका न मिले। इसके लिए जिला स्तर पर पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी। इन टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानों, गोदामों, थोक बाजारों और अन्य संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी करें। अभियान का लक्ष्य सिर्फ मांझे की जब्ती नहीं, बल्कि इसके भंडारण और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है।

सीधे मुख्यमंत्री करेंगे निगरानी

इस अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बेहद गंभीर हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, हर जिले से अभियान की दैनिक रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसमें यह जानकारी शामिल होगी कि कहां-कहां छापे मारे गए, कितना माल जब्त हुआ और किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी जिले के अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत की शिकायत मिलती है, तो उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मौत पर हादसा नहीं, हत्या का मुकदमा दर्ज होगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सबसे कड़ा निर्देश यही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर चाइनीज मांझे की वजह से किसी भी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसे केवल एक हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में इसे हत्या की श्रेणी में दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा। इस निर्देश का मतलब है कि आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उसे कठोर सजा का सामना करना पड़ेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार का यह संदेश साफ है कि चाइनीज मांझा बेचना अब सिर्फ एक गैरकानूनी काम नहीं, बल्कि एक जानलेवा अपराध है।