मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। अब यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास रहेगा। इस फैसले के बाद लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रह गई है।
मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह लखन पटेल को मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया था। वहां मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में विभागीय बदलाव को लेकर चर्चा हुई। हालांकि इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन एक दिन पहले ही जारी किया जा चुका था।
मुख्यमंत्री के पास अब 11 विभाग
ताजा फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग सहित कुल 11 विभागों की जिम्मेदारी आ गई है। इसके अलावा वे उन सभी विभागों का भी प्रभार संभालेंगे, जो किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।
पहले भी बदले जा चुके हैं विभाग
यह पहला अवसर नहीं है जब मध्य प्रदेश सरकार में किसी मंत्री से विभाग वापस लिया गया हो। इससे पहले वर्ष 2024 में मंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय यह विभाग नागर सिंह चौहान के पास था।
वन विभाग हटाए जाने के बाद नागर सिंह चौहान ने नाराजगी भी जताई थी। बाद में विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में रामनिवास रावत की हार के बाद नागर सिंह चौहान ने एक बार फिर वन विभाग का प्रभार दिए जाने की इच्छा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की थी।










