Madhumakhi Palan : उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ी योजना शुरू की है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ‘मधुमक्खी पालन कार्यक्रम’ को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को शहद उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए यूपी के शहद को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने का भी लक्ष्य है।
सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि खेती-किसानी को भी नई ताकत मिलेगी। मधुमक्खियों द्वारा होने वाले परागण (pollination) से फसलों की पैदावार में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
तीन साल में 1 लाख महिला उद्यमी
इस कार्यक्रम के तहत अगले तीन वर्षों में प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी एक लाख ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालक के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस कार्यक्रम से जुड़ने वाली प्रत्येक महिला उद्यमी की सालाना आय में कम से कम एक लाख रुपये की बढ़ोतरी हो। यह योजना महिलाओं को घर के पास ही रोजगार का एक स्थायी और सम्मानजनक अवसर प्रदान करेगी।
पैदावार बढ़ाने में भी मिलेगी मदद
मधुमक्खी पालन का दोहरा फायदा है। यह शहद और संबंधित उत्पादों से सीधी आय तो देता ही है, साथ ही कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों द्वारा परागण होने से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और विभिन्न बागवानी फसलों की पैदावार में 20 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
‘मिशन विलेज’ के तहत बनेगा ग्लोबल ब्रांड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन विलेज’ के दृष्टिकोण के तहत यूपी के शहद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक विश्वसनीय ब्रांड के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। सरकार महिलाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें शहद के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग में भी तकनीकी सहयोग देगी। इसके अलावा, उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की पूरी व्यवस्था की जाएगी ताकि वे अपने उत्पादों को सही दाम पर बेच सकें। इस पहल से महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित कर प्रदेश के आर्थिक विकास में सीधी भागीदार बनेंगी।











