Mohan Yadav with Baba Ramdev : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने हरिद्वार दौरे के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योगगुरु बाबा रामदेव से मुलाकात की और उनके साथ विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इस दौरान दोनों के एक साथ शीर्षासन करने की तस्वीर सामने आई है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है।
मुख्यमंत्री का यह रूप देखकर लोग चकित हैं, क्योंकि शीर्षासन जैसे कठिन आसन के लिए नियमित अभ्यास और विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि डॉ. यादव अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद योग के लिए समय निकालते हैं और इसमें पारंगत भी हैं। उन्होंने बाबा रामदेव के साथ सहजता से कई अन्य आसन भी किए।
सादगी और संस्कार का दिया परिचय
योग अभ्यास के अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी सादगी और संस्कारों से भी प्रभावित किया। वे बाबा रामदेव के साथ कन्या गुरुकुल में आयोजित हवन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यज्ञ वेदी पर बैठने से पहले, उन्होंने अपने लिए बिछाया गया आसन सम्मानपूर्वक बाबा रामदेव को दे दिया और स्वयं बिना आसन के ही भूमि पर बैठ गए। उनके इस व्यवहार की काफी सराहना हो रही है।
योगः कर्मसु कौशलम्
आज पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। साथ ही, यहां कन्या गुरुकुल में संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण ने मन को अपार शांति प्रदान की।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में योग आज भारत की… pic.twitter.com/7OkRNFy4uv
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 5, 2026
बाबा रामदेव को बताया ‘योग का भगीरथ’
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय योग और संस्कृति के वैश्विक प्रसार में बाबा रामदेव के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने बाबा रामदेव को आधुनिक युग में योग संस्कृति के लिए ‘भगीरथ’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाकर भारत का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि इसने उनके व्यक्तित्व के एक नए पहलू को उजागर किया। उनका योग कौशल और भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान इस यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।











