Maha Shivratri : बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व भव्य रूप से मनाने की तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस बार यह उत्सव पारंपरिक 9 दिनों के बजाय 10 दिनों तक चलेगा, जिसकी शुरुआत 6 फरवरी से होगी और समापन 15 फरवरी को होगा। इस दौरान सबसे खास आकर्षण महाशिवरात्रि के दिन रहेगा, जब मंदिर के पट लगातार 44 घंटे तक खुले रहेंगे, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकें।
मंदिर समिति ने इस 10 दिवसीय आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी सिलसिले में मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने पुजारियों और पुरोहितों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था और मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
श्रद्धालुओं और पुजारियों के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि उत्सव के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए पुजारियों और पुरोहितों से विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, “महाशिवरात्रि पर भक्तों को सुचारू रूप से दर्शन कराना और मंदिर की व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी के सुझाव लिए गए हैं।”
बैठक में तय किया गया कि उत्सव के दौरान पुजारियों और अन्य धार्मिक कर्मियों के आने-जाने के लिए गेट नंबर 13 निर्धारित किया गया है, ताकि वे बिना किसी बाधा के समय पर मंदिर परिसर में पहुंच सकें। इसके अलावा, अभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूजा सामग्री को मंदिर के अंदर लाने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।
इन रूपों में दर्शन देंगे बाबा महाकाल
6 फरवरी को कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद हर दिन बाबा महाकाल का एक नए और मनमोहक रूप में श्रृंगार किया जाएगा। भक्त इन दस दिनों में बाबा के नौ अलग-अलग रूपों के दर्शन कर सकेंगे।
- 6 फरवरी: भगवान को भांग और चंदन का लेप लगाकर श्रृंगार किया जाएगा।
- 7 फरवरी: बाबा को नए वस्त्र पहनाकर विशेष पूजा-अर्चना होगी।
- 8 फरवरी: शेषनाग स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा।
- 9 फरवरी: घटाटोप रूप में बाबा का श्रृंगार होगा।
- 10 फरवरी: भगवान का छबीना रूप में श्रृंगार किया जाएगा।
- 11 फरवरी: मनमहेश रूप में भक्त दर्शन कर सकेंगे।
- 12 फरवरी: उमा-महेश स्वरूप में श्रृंगार होगा।
- 13 फरवरी: बाबा का होलकर रूप में श्रृंगार किया जाएगा।
- 14 फरवरी: शिव तांडव स्वरूप में भगवान के दर्शन होंगे।
- 15 फरवरी: महाशिवरात्रि के मुख्य दिन बाबा को दूल्हे यानी राजा के रूप में सजाया जाएगा। इस दिन उन्हें सात प्रकार के अनाजों से बना ‘सप्तधान मुखौटा’ पहनाया जाएगा, जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होता है।h
मंदिर समिति ने महाशिवरात्रि के बाद होने वाले भोज के आयोजन को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि सभी व्यवस्थाएं ठीक से पूरी हो सकें। प्रशासन का अनुमान है कि इस 10 दिवसीय उत्सव में लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे।











