Kanchan Bai : मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने 20 मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। जावद तहसील के रानपुर गांव में मधुमक्खियों के हमले के दौरान कंचन बाई मेघवाल ढाल बनकर खड़ी हो गईं और बच्चों को अपनी साड़ी के पल्लू से ढक लिया।
हजारों मधुमक्खियों के डंक से बुरी तरह घायल कंचन बाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लेते हुए मृतका के परिवार के लिए 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि और उनके बच्चों की परवरिश का खर्च सरकार द्वारा उठाने का ऐलान किया है।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रानपुर गांव की आंगनवाड़ी में बच्चे मौजूद थे, तभी पास के एक पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता किसी वजह से बिगड़ गया। मधुमक्खियों के झुंड ने आंगनवाड़ी केंद्र पर हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस खतरनाक स्थिति में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
उन्होंने तुरंत सभी 20 बच्चों को एक जगह इकट्ठा किया और अपनी साड़ी के पल्लू से उन्हें पूरी तरह ढक लिया। इस दौरान वह खुद मधुमक्खियों के हमले का शिकार होती रहीं और हजारों डंक सहे, लेकिन बच्चों पर आंच नहीं आने दी।
नीमच जिले के ग्राम रानपुर में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी में कार्यरत बहन कंचन बाई मेघवाल जी का असमय निधन अत्यंत दुखद व हृदयविदारक है।
प्रदेश सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार के साथ है। इस घटना में मानवीय आधार पर मैंने कंचन बहन के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 5, 2026
अस्पताल में तोड़ा दम
हमले के बाद ग्रामीणों और अन्य लोगों ने किसी तरह बच्चों और कंचन बाई को वहां से सुरक्षित निकाला। कंचन बाई को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनके शरीर में मधुमक्खियों का जहर इतना फैल चुका था कि डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके इस बलिदान ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री ने की मदद की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कंचन बाई के साहस को सलाम किया। सरकार ने तत्काल मृतका के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, यह भी घोषणा की गई है कि कंचन बाई के मासूम बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण का पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। प्रशासन को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।











