MP Weather : मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। गुरुवार सुबह प्रदेश के 30 से अधिक जिले घने कोहरे की आगोश में समा गए, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। कई शहरों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसके साथ ही, उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है, जिसके चलते ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर थमा हुआ है और गुरुवार के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, यह राहत अस्थायी है क्योंकि जल्द ही एक नया सिस्टम प्रदेश में बारिश लेकर आ सकता है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और बारिश का सीधा असर मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं के रूप में दिख रहा है, जिससे दिन और रात दोनों समय सर्दी का एहसास बना हुआ है।
फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ और एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इसका प्रभाव मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिल रहा है, जिसके कारण कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। इसके अलावा, 8 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इस सिस्टम के असर से 10 फरवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक बार फिर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
50 मीटर से कम हुई विजिबिलिटी
कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिला। ग्वालियर में गुरुवार सुबह दृश्यता घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दतिया और रीवा में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर के बीच रही। रतलाम, उज्जैन, नौगांव, सीधी और दमोह जैसे शहरों में भी मध्यम कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता 500 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई।
राजगढ़ रहा सबसे ठंडा, पारा 8.8 डिग्री
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में राजगढ़ जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, अन्य सभी जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से ऊपर बना रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट देखी गई। नौगांव और पृथ्वीपुर में सबसे कम अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके विपरीत, नर्मदापुरम में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में गर्मी का एहसास कराता रहा।











