वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के गलियारों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर अपनी विस्तृत प्रतिक्रियाएं साझा की हैं। जहां सत्ता पक्ष इसे भविष्य का विजन मान रहा है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ बता रहा है।
विकसित भारत का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट की सराहना करते हुए इसे ‘नए भारत’ की संकल्पना को मजबूत करने वाला दस्तावेज करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट 145 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। सीएम योगी के अनुसार, यह वित्तीय योजना भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रयासों की प्रशंसा की।
“यह बजट ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक मजबूत रोडमैप है। इसमें समाज के हर तबके, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित करने का स्पष्ट विजन दिखता है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
महिला छात्रावास और शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान
बजट के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाया गया है। उन्होंने हर जनपद में कामकाजी महिला छात्रावासों की स्थापना और STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों से जुड़ी छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल के प्रावधान को क्रांतिकारी कदम बताया। योगी आदित्यनाथ ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में वृद्धि और रेल कॉरिडोर के विकास को देश के भविष्य के लिए अनिवार्य बताया।
अखिलेश यादव का पलटवार
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बजट के दौरान शेयर बाजार में आई अस्थिरता और गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों का भरोसा सरकार की नीतियों से डगमगा गया है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि बजट का असली प्रभाव बाजार की प्रतिक्रिया से साफ जाहिर हो रहा है।
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बजट में मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देने के लिए टैक्स में कोई प्रभावी कटौती नहीं की गई है। उनके अनुसार, सरकार की बजटीय नीतियां केवल एक सीमित वर्ग के हितों की रक्षा करती हैं, जबकि आम जनता के कल्याण का इसमें कोई ठोस खाका नहीं है।
किसानों की अनदेखी का आरोप
अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में बेरोजगार युवाओं, किसानों और मजदूरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई है। छोटे कारोबारियों और वंचित समुदायों के लिए किसी प्रभावी घोषणा की कमी को उन्होंने सरकार की विफलता बताया। फिलहाल, बजट को लेकर पक्ष-विपक्ष की यह बयानबाजी प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।











