Budget 2026 में छात्रों के लिए हुआ बड़ा ऐलान, 15 हजार स्कूलों में खुलेंगी गेमिंग लैब्स

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By Raj RathorePublished On: February 1, 2026
Budget 2026 Gaming Labs

Budget 2026 में टेक्नोलॉजी को देश की आर्थिक ग्रोथ का मुख्य इंजन बताया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गेमिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और डिजिटल स्किल्स पर विशेष जोर दिया। इसे ऑरेंज इकॉनमी का हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार का मानना है कि टेक्नोलॉजी अब सिर्फ सपोर्ट सिस्टम नहीं रही। यह रोजगार और विकास का नया जरिया बन चुकी है। इसका सीधा असर छात्रों, गेमर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पर दिखेगा।

15,000 स्कूलों में AVGC लैब्स

बजट की सबसे बड़ी घोषणा गेमिंग और क्रिएटर इकॉनमी से जुड़ी है। देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC लैब्स बनाई जाएंगी। AVGC का मतलब है एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स।

इन लैब्स में वही सॉफ्टवेयर और टूल्स मिलेंगे जो अभी तक बड़े स्टूडियो तक सीमित थे। छोटे शहरों के युवाओं को भी अब प्रोफेशनल ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। सरकार का संदेश साफ है कि गेमिंग अब सिर्फ शौक नहीं बल्कि करियर है।

20 लाख पेशेवरों की जरूरत

भारत का AVGC सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि 2030 तक इसमें करीब 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के सहयोग से यह पहल आगे बढ़ेगी। अब तक गेमिंग सीखने के लिए महंगे प्राइवेट कोर्स ही विकल्प थे। सरकारी लैब्स से यह बदलाव आ सकता है। हालांकि सवाल यह है कि ट्रेनर्स कहां से आएंगे और पाठ्यक्रम इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार होगा या नहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा

ई-स्पोर्ट्स के लिए अलग से कोई स्कीम नहीं आई। लेकिन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च का ऐलान हुआ है। फास्ट इंटरनेट और मजबूत नेटवर्क का सीधा फायदा ऑनलाइन गेमिंग को मिलेगा। खासकर वे खिलाड़ी जो इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह भारतीय ई-स्पोर्ट्स के लिए अप्रत्यक्ष बूस्ट है।

AI पर बड़ी घोषणाएं

बजट में AI को भविष्य की सबसे अहम तकनीक बताया गया। सरकार ने कहा कि AI का इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में होगा। यह कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। हालांकि AI को जमीन पर उतारना आसान नहीं है। इसके लिए सही डेटा और प्रशिक्षित लोग चाहिए। कई सरकारी विभाग अभी बेसिक डिजिटल सिस्टम से जूझ रहे हैं। अगर तैयारी अधूरी रही तो यह कागजों तक सीमित रह सकता है।

10,000 टेक फेलोशिप का ऐलान

IIT और IISc जैसे प्रमुख संस्थानों में 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू होंगी। इनका फोकस AI, डीप-टेक और रिसर्च पर होगा। रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए यह बड़ा मौका है। लेकिन इसका फायदा सीमित छात्रों को ही मिलेगा। करोड़ों युवा जो टेक में करियर चाहते हैं उनके लिए यह सीधा समाधान नहीं है। व्यापक स्किल प्रोग्राम की जरूरत बनी हुई है।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से हार्डवेयर पर जोर

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत चिप मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा निवेश होगा। चिप आज हर डिवाइस में जरूरी है। मोबाइल, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल और AI सर्वर सब में चिप लगती है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बने। लेकिन सेमीकंडक्टर फैक्ट्री लगाना जटिल प्रक्रिया है। इसमें सालों लगते हैं और भारी तकनीकी विशेषज्ञता चाहिए। नतीजे तुरंत नहीं दिखेंगे।

2047 तक टैक्स छूट

विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट दी जाएगी। शर्त है कि वे भारत के डेटा सेंटर का इस्तेमाल करें। सरकार चाहती है कि डेटा भारत में ही स्टोर हो। इससे डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन आम यूजर को इसका फायदा तुरंत नहीं मिलेगा। डेटा सेंटर बनने में समय लगता है। उसके बाद ही ऐप्स और गेम्स की स्पीड पर असर दिखेगा।