सीएम योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर को बड़ा तोहफा, 721 करोड़ की पेयजल योजना हुई मंजूर

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By Raj RathorePublished On: February 1, 2026
Gorakhpur News

Gorakhpur : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास की कड़ियों को जोड़ते हुए गोरखपुर के शहरी बुनियादी ढांचे को एक बड़ी मजबूती दी है। राज्य सरकार ने शहर की पेयजल व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार के लिए 721 करोड़ रुपये के विशाल बजट को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से गोरखपुर के विभिन्न वार्डों में रहने वाले लगभग 43,604 परिवारों को उनके घर पर ही शुद्ध और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

यह निर्णय मुख्यमंत्री की उस दूरगामी सोच का हिस्सा है जिसके तहत प्रदेश के हर नगर को स्मार्ट और सुविधाओं से संपन्न बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नए ओवरहेड टैंक और शहर के दूर-दराज के इलाकों तक पाइपलाइन बिछाने के लिए किया जाएगा।

अमृत 2.0 योजना के तहत मिलेगी नई गति

गोरखपुर के लिए स्वीकृत यह 721 करोड़ रुपये की योजना केंद्र सरकार की अमृत 2.0 (Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) पहल के अंतर्गत आती है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। इस योजना का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहाँ वर्तमान में जलस्तर नीचे जा रहा है या जहाँ पुरानी पाइपलाइनें जर्जर हो चुकी हैं।

परियोजना के विवरण के अनुसार, नगर निगम के विस्तारित क्षेत्रों में रहने वाली बड़ी आबादी को इससे सीधा लाभ मिलेगा। नए ट्यूबवेल और पंपिंग स्टेशनों की स्थापना से पानी के दबाव की समस्या का भी समाधान होगा। नगर विकास विभाग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

43 हजार से अधिक घरों को मिलेगा कनेक्शन

इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि इसके लाभार्थियों की संख्या है। आंकड़ों के मुताबिक, 43,604 घरों को नए जल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा, बल्कि जलजनित बीमारियों के खतरे में भी कमी आएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या रही है, जिसका अब स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।

प्रशासनिक स्तर पर इस परियोजना की निगरानी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित ऑडिट की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विकास कार्यों की निरंतरता

गोरखपुर में पिछले कुछ वर्षों में सड़क, बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे गए हैं। यह 721 करोड़ रुपये की परियोजना इसी विकास यात्रा का अगला चरण है। इससे पहले भी सरकार ने जल निकासी और सीवरेज सिस्टम के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर नागरिक सुविधाओं से शहर में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

इस योजना के क्रियान्वयन के बाद गोरखपुर उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहाँ शत-प्रतिशत शहरी आबादी के पास पाइपलाइन से जलापूर्ति की सुविधा होगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों के भीतर इस परियोजना के सभी चरणों को पूरा कर लिया जाए।