Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया बजट फार्मास्युटिकल और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश के बेसिक ड्रग्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी मूलचंदानी ने इस बजट की सराहना करते हुए इसे ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाला बताया है।
उनके अनुसार, इस बजट में न केवल उद्योग जगत की जरूरतों का ध्यान रखा गया है, बल्कि आम नागरिकों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए भी ठोस प्रावधान किए गए हैं।
10,000 करोड़ का बड़ा निवेश
बजट के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक ‘बायो-फार्मा शक्ति’ परियोजना की घोषणा है। भारत को वैश्विक जिओ-फार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया है। यह परियोजना देश में दवाओं के उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विनिर्माण को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
“केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने जो बजट पेश किया है, वह विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला है। इसमें फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा।” — जेपी मूलचंदानी, अध्यक्ष, बेसिक ड्रग्स डीलर एसोसिएशन
सस्ती दवाएं और विश्वस्तरीय टेस्टिंग लैब
आम जनता को राहत देते हुए बजट में गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक ले जाने के लिए गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मापदंडों के अनुरूप एक अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। यह लैब भारतीय दवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को वैश्विक बाजार में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
MSME और क्षेत्रीय मेडिकल हब पर जोर
सरकार ने इस बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। फार्मा उद्योग से जुड़ी छोटी इकाइयों के लिए यह एक संजीवनी की तरह काम करेगा। इसके साथ ही, राज्यों के सहयोग और निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मॉडल) से पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों की विशेषता यह होगी कि यहां चिकित्सा शिक्षा, उच्च स्तरीय अनुसंधान और उपचार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
जेपी मूलचंदानी ने कहा कि चिकित्सा अनुसंधान में निवेश और बुनियादी ढांचे का विकास भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। बजट में किए गए ये प्रावधान न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे, बल्कि अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी को भी बढ़ाएंगे। कुल मिलाकर, यह बजट जनमानस के स्वास्थ्य और फार्मा इंडस्ट्री की प्रगति के बीच एक सटीक संतुलन बनाने का प्रयास करता दिखाई देता है।










