India’s Largest Airport : दिल्ली-एनसीआर में हवाई यात्रा को नई ऊंचाई देने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब लगभग बनकर तैयार हो चूका है। जल्द ही इस एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख का ऐलान होगा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में स्थित यह एयरपोर्ट न केवल भारत, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। अपनी विशाल क्षमता और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ यह देश के विमानन क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने की थी। मई 2018 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर 2021 को इसकी आधारशिला रखी थी। अब कुछ ही वर्षों में यह विशाल एयरपोर्ट अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार है, जिसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी ही करेंगे।
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण 5,845 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में किया गया है। क्षेत्रफल के लिहाज से यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका एप्रन है, जहां एक साथ 178 विमान पार्क किए जा सकेंगे, जो देश के किसी भी अन्य हवाई अड्डे से कहीं ज्यादा है।
6 रनवे और 4 टर्मिनल
जेवर एयरपोर्ट ने निर्माण के साथ ही कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह 6 रनवे वाला देश का पहला एयरपोर्ट होगा, जो हवाई यातायात के भारी दबाव को भी आसानी से संभालने में सक्षम होगा। इसके अलावा, यहां चार टर्मिनल बनाए जा रहे हैं, जबकि राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर तीन टर्मिनल हैं। यह इसे देश के सबसे बड़े और व्यस्ततम एयरपोर्ट्स में से एक बना देगा।
आधुनिक तकनीक का उपयोग करके बनाए गए इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली एयरपोर्ट पर बोझ कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। यह एयरपोर्ट वैश्विक विमानन मानचित्र पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।











