एमपी के इस जिले में 25 करोड़ की लागत से बना पशुपतिनाथ लोक, सीएम मोहन यादव ने किया लोकार्पण

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By Raj RathorePublished On: January 30, 2026
Pashupatinath Lok

Pashupatinath Lok : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया। मंदसौर में शिवना नदी के तट पर स्थित इस धार्मिक परिसर को तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में लगी चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में मंदिर की पूर्व और वर्तमान स्थिति को दर्शाया गया है।

त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण किया। यह पशुपतिनाथ लोक का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। इसके मध्य में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का दिव्य आभास कराता है।मुख्यमंत्री ने ई-कार्ट में बैठकर पूरे परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने पशुपतिनाथ लोक की भव्यता की सराहना की। मंदिर परिसर में पालकी में विराजित रजत प्रतिमा की भी पूजा-अर्चना की गई।

चार प्रवेश द्वारों से सुगम आवाजाही

पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से आवाजाही सुगम बनाई गई है। शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह परिसर पहले से कहीं अधिक आकर्षक हो गया है। श्रद्धालुओं के लिए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है। यहां सांस्कृतिक और रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। आपात स्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है।

शिव-लीलाओं पर आधारित म्यूरल वॉल

मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल बनाई गई है। पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स भी लगाई गई हैं। ये कलाकृतियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं।

तीर्थनगरी के रूप में विकास

पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन का निर्माण किया गया है। उद्यान और शिव स्तंभ भी स्थापित किए गए हैं। सेल्फी प्वाइंट और सुव्यवस्थित पाथवे बनाए गए हैं। इन सुविधाओं से पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है। पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे और अधिक भव्य बनाने का प्रयास किया गया है। शिवना नदी के किनारे बसा यह धार्मिक स्थल अब श्रद्धालुओं के लिए और मनमोहक हो गया है।