हनुमान बताया, हौसला बढ़ाया! भोपाल में संविदा कर्मियों से सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा वादा

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By Raj RathorePublished On: January 30, 2026
Mohan Yadav on Contractual Employees

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को संविदा कर्मचारियों का विशाल महासम्मेलन आयोजित हुआ। न्यू दशहरा मैदान में संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले हजारों कर्मचारी जुटे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

सीएम यादव ने संविदा कर्मचारियों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने नियमित पदों पर अवसर देने का भरोसा दिलाया। साथ ही 2023 की संविदा नीति के सख्त पालन की बात कही।

संविदा कर्मियों को बताया हनुमान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भावनात्मक अंदाज अपनाया। उन्होंने संविदा कर्मचारियों की तुलना हनुमान से की।

“सरकार की हर जनकल्याणकारी योजना में संविदा कर्मचारियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम को हनुमान की थी। संविदाकर्मी सरकार की कार्यप्रणाली का मजबूत आधार हैं, यह हमारे हनुमान हैं।” — मुख्यमंत्री मोहन यादव

उन्होंने कहा कि सरकार को चलाने में संविदा कर्मचारियों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। योजनाओं को जमीन पर उतारने में इनकी भूमिका अहम है।

2023 की संविदा नीति 

सीएम मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार 2023 की संविदा नीति का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि नीति के सभी प्रावधानों को लागू किया जाएगा। प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के अधिकार और हित सरकार की प्राथमिकता हैं।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार का लक्ष्य है।

समिति गठन की घोषणा

संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष समिति बनाई जाएगी। इस समिति में सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। वित्त विभाग के प्रतिनिधि भी इसमें रहेंगे। भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी समिति में जगह मिलेगी। यह समिति सभी विषयों पर विचार-विमर्श करेगी। आवश्यक फैसले लेने का अधिकार भी इसे होगा।

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। संविदा कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करना प्राथमिकता है। उन्होंने नियमित पदों पर मौका देने का वादा दोहराया। इस महासम्मेलन को संविदा कर्मचारी आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। मुख्यमंत्री का सीधे संबोधन और घोषणाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। अब सभी की नजरें समिति के गठन और उसके फैसलों पर होंगी।