Ganga Expressway : उत्तर प्रदेश में रफ्तार का नया युग शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है। प्रदेश का यह सबसे लंबा एक्सप्रेसवे जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। इस पर सफर करने से कई घंटों की दूरी कम हो जाएगी। जो रास्ता पहले 10-12 घंटे में तय होता था वह अब महज 6 घंटे में पूरा हो सकेगा।
टोल सिस्टम का सफल परीक्षण
गंगा एक्सप्रेसवे पर FASTag आधारित टोल सिस्टम का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल पेमेंट से टोल वसूली होगी जिससे समय की बचत होगी। अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के सभी तकनीकी पहलुओं की जांच पूरी हो चुकी है। सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया जा चुका है।
सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरता है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।इस एक्सप्रेसवे के खुलने से व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी। औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
विकास को मिलेगी रफ्तार
गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पेट्रोल पंप फूड कोर्ट और रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा आरामदायक हो जाएगी। ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। एक्सप्रेसवे छह लेन का है जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर वाहनों की गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की तारीख की घोषणा कर सकती है। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के पूरा होने से प्रदेश के विकास में नया अध्याय जुड़ेगा।











