UP Budget : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार का बजट सत्र 9 फरवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। वित्त मंत्री 11 फरवरी को विधानसभा में वार्षिक बजट पेश करेंगे। यह बजट राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। यह परंपरा के अनुसार होता है। राज्यपाल अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करेंगी। इसके साथ ही आगामी वित्त वर्ष की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा। दोनों सदनों के सदस्य इस अभिभाषण में शामिल होंगे।
चुनावी वर्ष का बजट
इस बार का बजट चुनावी नजरिए से खास है। इस वर्ष प्रदेश में पंचायत चुनाव होने हैं। साथ ही 2027 में विधानसभा चुनाव भी आने वाले हैं। इन दोनों चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार कई लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।
किसानों और युवाओं पर फोकस
सूत्रों के अनुसार इस बजट में किसानों के लिए नई योजनाएं आ सकती हैं। युवाओं के रोजगार पर भी जोर दिया जा सकता है। महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का विस्तार भी संभव है। पंचायत चुनाव को देखते हुए ग्राम पंचायतों के विकास के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन हो सकता है। ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया जा सकता है।
विपक्ष की रणनीति
विपक्षी दल भी इस सत्र के लिए तैयारी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाए जा सकते हैं। बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। सदन की कार्यवाही रोचक रहने की उम्मीद है।
बजट की प्रमुख बातें
पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश का बजट करीब सात लाख करोड़ रुपये का था। इस बार इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता मिल सकती है। औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान हो सकते हैं। प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर रहेगा। बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। सदस्य अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाएंगे।











