लाखों किसानों के लिए खुशखबरी, सीएम मोहन यादव के निर्देश पर खेतों में अधिकारी, जल्द मिलेगा मुआवजा

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By Raj RathorePublished On: January 29, 2026
Mohan Yadav Farmers Compensation

मध्य प्रदेश में प्रकृति की मार ने किसानों को बेहाल कर दिया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने 30 से अधिक जिलों में खड़ी फसलों को तबाह कर दिया। गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों की बढ़ती चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

सीएम यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी सर्वे किया जाए। उन्होंने 24 घंटे के भीतर फसल नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पात्र किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

खंडवा में सबसे ज्यादा नुकसान

प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान खंडवा जिले में दर्ज किया गया है। यहां 2,500 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। करीब 10-12 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। इसके अलावा 2-3 हजार हेक्टेयर में चने की खेती को नुकसान पहुंचा है। प्याज और अन्य सब्जियों की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

उज्जैन जिले की खाचरौद, नागदा, महिदपुर और तराना तहसीलों में भी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। शाजापुर के फूलखेड़ी, टुकराना और मोरटा गांवों में बड़े-बड़े ओले गिरे। इससे रबी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।

भोपाल से ग्वालियर तक बारिश का कहर

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। 10 से अधिक जिलों में ओले गिरे हैं। कई जगहों पर पूरे खेत तबाह हो गए। किसानों की महीनों की मेहनत पानी में बह गई।

देवास में कलेक्टर ने किया सर्वे

देवास जिले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वे बुधवार को सोनकच्छ और हाटपीपल्या सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

“सर्वे में कोई लापरवाही न हो। प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत मिले। कोई भी खेत सर्वे से न छूटे।” — कलेक्टर ऋतुराज सिंह

कलेक्टर ने राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम को फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि पूरी पारदर्शिता के साथ सर्वे होगा। सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने किसानों को फसल बीमा का लाभ लेने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान मुआवजा पा सकते हैं।

आवेदन के दो तरीके:

पहला तरीका – टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें। दूसरा तरीका – स्मार्टफोन में Crop Insurance App डाउनलोड करें। इसके जरिए ऑनलाइन आवेदन करें।

राहत के संकेत

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। अधिकारी खेतों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। 24 घंटे में रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी पटवारी या कृषि विभाग के अधिकारी से संपर्क करें। फसल नुकसान की जानकारी दर्ज कराएं। फसल बीमा धारक किसान टोल फ्री नंबर पर क्लेम दाखिल करें। प्रदेश में मौसम का यह कहर लाखों किसान परिवारों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार की त्वरित कार्रवाई से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।